संविधान उत्सव कार्यक्रम का हुआ समापन
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) फाउंडेशन फॉर एजुकेशन एण्ड डेवलपमेंट (दूसरा दशक) के तत्वाधान में संवैधानिक मूल्य आधारित फैलोशिप कार्यक्रम के तहत आज संविधान उत्सव कार्यक्रम का आयोजन जाट छात्रावास में किया गया ।
कार्यक्रम में 15 गांव से करीब 250 युवा मंच सदस्यों, महिला मंच व लोक बिरादरी मंच के सदस्यों ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का आगाज स्वागत गान से किया गया। इस अवसर पर सभी फैलोज द्वारा उनके कार्यक्षेत्र में किए गए कार्यों के दौरान हुए विशिष्ट अनुभवों को साझा किया गया। इसके साथ ही गांवों में बने मंचों के सक्रिय युवाओं, गणमान्य लोगों व महिलाओं ने स्वयं, परिवार और समुदाय में हुए बदलाव की कहानियां साझा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य अतिथि के रूप में रा.उ.मा. विद्यालय कफ़नवाडा के उपप्रधानाचार्य प्रेम चंद , विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता अमित कटारा एवं फिरोज खान, इब्तिदा एनजीओ से आसमदीन खान, वरीशा खान, क्रिशिल फाउंडेशन से नवीन शर्मा, शिक्षक अशोक वर्मा उपस्थित रहे। मंच संचालन की भूमिका ब्रजमोहन सैनी (अध्यापक) द्वारा निभाई गई। कार्यक्रम के मध्य में स्कूली छात्राओं एवं किशोरी मंच की किशोरियों द्वारा संविधान से ओत प्रोत गीत और नृत्य भी प्रस्तुत किए। इस दौरान फैलोज तथा मंचों के सदस्यों ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में अनुभव साझा करने के बाद सभी विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
मेंटर कमलेश अवस्थी ने एफईडी (दूसरा दशक) के बारे में तथा संवैधानिक मूल्य आधारित फैलोशिप कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लक्ष्मणगढ़ विकासखंड में कार्यक्षेत्र के गांवों में संवैधानिक मूल्य आधारित कार्यक्रम से मंचों एवं समुदाय के लोगों में सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। बदलाव की कहानियां के साथ ही संवैधानिक मूल्यों की बयार शुरू हुई है। कार्यक्रम से जुड़े फैलो समुदाय में फैली असमानता व अधिकारों के लिए अपनी आवाज मुखर करने लगे हैं, जो कि इस कार्यक्रम की सफलता के सूचक हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेम चंद ने संस्था द्वारा गत तीन वर्षों से चलाया जा रहा फेलोशिप कार्यक्रम बहुत ही काबिल ए तारीफ रहा है। इस मौके पर सभी फैलोज (आसीन खान, नौमान, निरमा बाई मीना, शबनम, नजमा खान) ने भी अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा किए। लेखाकार सुनील कुमार सैनी, इख़वेलो प्रभारी भूपेंद्र मीना एवं शुकंतला ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। संविधान के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

