कन्या महाविद्यालय टपूकड़ा में छात्राओं को दी गई पीसीपीएनडीटी एक्ट की जानकारी
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) कन्या महाविद्यालय टपूकड़ा में सोमवार को राजस्थान राज्य महिला नीति 2021 के अंतर्गत पूर्व प्रसव निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भ्रूण लिंग जांच की कानूनी रोकथाम एवं इससे संबंधित सामाजिक-नैतिक पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उमा शर्मा ने अधिनियम की प्रमुख धाराओं, उद्देश्यों और इसके उल्लंघन पर होने वाली सजा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून 1994 में बनाया गया था ताकि भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाई जा सके और लिंगानुपात में सुधार लाया जा सके
प्राचार्य मनोज कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, "आज के युवा यदि इन कानूनों की जानकारी सही रूप से प्राप्त करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव अवश्य आएगा।" समस्त महाविद्यालय स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी पूछे।

