करंट लगने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत:11 हजार केवी लाइन की चपेट में आया मोर
ग्रामीणों की सूचना भी माइके पर नही पहुंचे वन और विद्युत कर्मचारी
बिजली विभाग को अपनी लाइनों की सुरक्षा और रख-रखाव पर ध्यान देने की आवश्यकता
टहला (रितीक शर्मा) गोलाकाबास के समीपवर्ती ग्राम पंचायत बिरकड़ी में 11 के.वी. बिजली लाइन की चपेट में आने से शनिवार दोपहर बाद एक राष्ट्रीय पक्षी, मोर की मौत हो गई। यह घटना बिरकड़ी के बैरवा ढाणी सड़क मार्ग पर हुई, जहाँ एक पेड़ को टच करते हुए गुजरती लाइन उसी पेड़ से उड़ता हुआ मोर 11के.वी. की लाइन से टकरा गया और करंट लगने से उसकी मृत्यु हो गई. ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं, क्योंकि 11 kV की लाइनें मुख्य रास्तों से गुजर रही हैं और पक्षियों के लिए खतरा बनी हुई हैं. यह लाइन सड़क के मुख्य मार्गों से निकल रही है जो जनहित में खतरा मंडरा रही है।
लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। संवाददाता रितीक शर्मा ने टहला ए.ई.न. से कॉल कर राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत की सूचना पर फीडबैक जानने की कोशिश की लेकिन टहला ए.ई.न का कहना है राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो जाने की सूचना हमारे पास नहीं आई।
घटना:
बिरकड़ी के बैरवा ढाणी सड़क मार्ग पर एक मोर 11 kV की बिजली लाइन के टच एक पेड़ से उड़ान के समय लाइन से टकराकर करंट लगने से मर गया.
ग्रामीणों का आरोप:
ग्रामीण मांगे लाल शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है, क्योंकि 11 kV की लाइनें बैरवा ढाणी सड़क मार्ग के मुख्य रास्तों से गुजर रही हैं, जिससे पक्षियों के लिए खतरा है.
वन और विद्युत कर्मचारियों पर ग्रामीणों का आरोप:
11 हजार केवी लाइन की चपेट में आया मोर की मौत की सूचना वन विभाग और विद्युत विभाग के कर्मचारियों को दी गई लेकिन मौका स्थल पर दोनों विभागों के कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्तिथ नहीं हुए ऐसे में गैर-जिम्मेदार या लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे सरकार।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं:
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस लाइन के कारण पहले भी कई मोर और अन्य पक्षी मर चुके हैं. जिसकी शिकायतें पूर्व में भी की गई लेकिन विद्युत विभाग लापरवाही बरत रहा।
यह घटना एक दुखद उदाहरण है कि कैसे बिजली की लाइनें पक्षियों के लिए खतरा बन सकती हैं, खासकर जब वे पेड़ों के पास से गुजरती हैं. इस घटना से यह भी पता चलता है कि बिजली विभाग को अपनी लाइनों की सुरक्षा और रख-रखाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.