डॉ. दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि वैर सेवा केंद्र पर विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में सम्पन्न
वैर,भरतपुर (कोशलेन्द्र दतात्रेय)
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय वैर उपसेवाकेंद्र पर संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी डॉ. दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में श्रद्धा एवं भावनाओं के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्म कुमारी गीता बहिन, प्रभारी वैर उपसेवाकेंद्र के निर्देशन में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में राजयोगिनी ब्रह्म कुमारी बबीता दीदी, सह प्रभारी भरतपुर एवं प्रभारी रूपबास सेवाकेंद्र , जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्म कुमारी प्रवीणा बहिन, प्रभारी डीग उपसेवा केंद्र ने की।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भ्राता सुनील कुमार (पूर्व चेयरमैन, वैर), भ्राता राधे जिंदल (अध्यक्ष व्यापार संघ), भ्राता ब्रह्म कुमारी जयसिंह, ब्रह्म कुमारी जागृति बहिन एवं ब्रह्म कुमारी अन्नू बहिन उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ब्रह्म कुमारी बबीता दीदी ने दादी जी को “विश्व कल्याणकारी, त्याग व तपस्या की धनी” बताते हुए कहा कि उनका आभामंडल ऐसा था जैसे कोई सूर्य चमक रहा हो। उनके सानिध्य में लाखों आत्माओं का जीवन परिवर्तित हुआ।अध्यक्षीय उद्बोधन में ब्रह्म कुमारी प्रवीणा बहिन ने कहा कि “हम सभी दादी जी के संकल्प की रचना हैं। दादी जी के संकल्पों में इतनी शक्ति थी कि उन्होंने एक-एक लाख की सभाओं का सफल संचालन किया और 38 वर्षों तक संस्था को एक नन्हे पौधे से विशाल वटवृक्ष बनाया।”
विशिष्ट अतिथि भ्राता सुनील कुमार ने कहा कि ऐसी महान विभूतियाँ संसार में विरले ही जन्म लेती हैं। दादी जी ने असंख्य आत्माओं के जीवन को दिशा दी। वहीं भ्राता राधे जिंदल (अध्यक्ष व्यापार महासंघ, वैर) एवं श्रीमती मीना (अध्यापिका, रा. उ. मा. वि. वैर) ने भी अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। कार्यक्रम का शुभारम्भ ब्रह्म कुमारी गीता बहिन द्वारा दादी जी की स्मृति गीत “दादी हमारी दादी” से हुआ तथा सभी ने दादी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। अंत में ब्रह्मा वत्सों को ब्रह्मा भोजन स्वीकार कराया गया। सैकड़ों की संख्या में भाई-बहनों ने इस अवसर पर भाग लिया।


