मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमीं दूर करने की पहल का अरिसदा ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आभार जताने हेतु ज्ञापन सौपा
अरिसदा अध्यक्ष डॉ एस ए जब्बार ने सेवारत चिकित्सको को मेडिकल कॉलेजों में समायोजन को रोगी हित एवं विद्यार्थी हित का दोहरा संगम बताया
झुंझुनू (सुमेरसिंह राव) जिले के सबसे बड़े राजकीय बीडीके अस्पताल झुंझुनूं में सेवारत चिकित्सको ने योग्यता एवं अनुभव के आधार पर पर मेडिकल कॉलेज में समायोजन की प्रक्रिया आरंभ करने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम पीएमओ डॉ जितेन्द्र भाम्बू को ज्ञापन सौपा।
अरिसदा प्रवक्ता डॉ विजय झाझडिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 11वर्षो में प्रदेशभर में लगभग प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर प्रदेश की जनता को राहत प्रदान की है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास कर बड़ी सौगात प्रदान दी थी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा टेक-2025 के तहत देशभर की मेडिकल कॉलेजों में सेवारत चिकित्सको की योग्यता एवं अनुभव का उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमीं दूर करने की सराहनीय पहल की है। वर्तमान में प्रदेशभर के अधिकांश मेडिकल कालेज फैकल्टी की कमीं से जूझ रहे हैं। तथा एनएमसी से मान्यता खत्म होने का संकट बना हुआ है। विद्यार्थियों की बढ़ाई बाधित हो रही है। अरिसदा महासचिव डॉ राजेन्द्र ढाका ने बताया कि सेवारत चिकित्सको का चिकित्सक शिक्षकों मे समायोजन फैकल्टी की कमीं दूर करने में संजीवनी बूंटी की तरह काम करेगा। सेवारत चिकित्सक इस पहल का स्वागत करता है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री महोदय को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के टेक-2025 की गाइडलाइंस की अक्षरशः अनुपालना में सहयोग हेतु तत्पर हैं।
राजस्थान सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के राजस्थान चिकित्सा शिक्षा नियम 1962 में संशोधन के द्वारा सेवारत चिकित्सको के समायोजन हेतु प्रस्ताव,कमेटी के गठन करने पर चिकित्सा मंत्री का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्रदान करता है। सेवारत चिकित्सको की योग्यता एवं रोगी सेवा का लंबा अनुभव, स्थानीय आमजन से लंबा जुड़ाव, प्रशासनिक क्षमताओं का लाभ प्रदेश की जनता को मिल सकेगा। सेवारत चिकित्सको द्वारा रोगी सेवा एवं अध्यापन का दोहरा लाभ मिलने एवं नवीन भर्ती की आवश्यकता नहीं होने से वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
चिकित्सक संघ द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री का आभार जताया गया है। इस दौरान डॉ एस ए जब्बार, डॉ राजेन्द्र ढाका, डॉ राजेन्द्र गजराज,डॉ सिद्धार्थ शर्मा, डॉ विजय झाझडिया, डॉ संजय खीचड़, डॉ दुष्यंत बसेरा, डॉ प्रतिभा कृष्णियां, डॉ दीपीका कोठारी, डॉ विदिशा, डॉ मगन मीणा, डॉ नरेन्द्र काजला, डॉ दीपक देवठिया, डॉ सुनिता भालोठिया समेत चिकित्सक मौजूद रहे।
फैक्ट फाइल:-
- मेडिकल कॉलेज की संख्या -30
- प्रदेशभर में सेवारत चिकित्सको 19 हजार
- बीडीके अस्पताल में सेवारत चिकित्सको की संख्या -75
- 100 सीटों के मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की आवश्यकता
- आचाऊ -15
- सह आचार्य -20
- सहायक आचार्य -18
- सीनियर रेजिडेंट -65
- ट्यूटर/डेमोस्ट्रैटर-45
जिलेभर में कार्यरत सेवारत चिकित्सक-400 से ज्यादा।


