चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को सूतक में क्या करें-क्या नहीं?
लक्ष्मणगढ़ (अलवर, राजस्थान/कमलेश जैन ) हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ माना गया है। मान्यता है कि ग्रहण का बुरा असर दुनिया के साथ-साथ लोगों पर भी होता है। इसके अशुभ फल से बचने के लिए ग्रहण के सूतक के काल के दौरान कुछ खास करने की मनाही होती है।
योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार ने बताया कि चंद्र ग्रहण और सूतक काल का समय 7 सितंबर, रविवार को चंद्र ग्रहण रात 9:57 से शुरू होगा, जो मध्य रात्रि 1:27 तक रहेगा। लेकिन ग्रहण का सूतक दोपहर 12 बजकर 57 मिनिट से ही शुरू हो जाएगा, जो ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा। यानी 7 सितंबर को दोपहर 12:57 के बाद सूतक से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा।
सूतक में कौन-से काम न करें?
- 1. ग्रहण के सूतक काल के दौरान किसी भी तरह की पूजा-पाठ न करें। ऐसा करना अशुभ माना गया है।
- 2. जब चंद्र ग्रहण का समय हो तो उस समय घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहिए और न नंगी आंखों से ग्रहण को देखना चाहिए।
- 3. सूतक काल के दौरान भोजन बनाने और खाने की भी मनाही है।
- 4. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं भूलकर भी घर से न निकलें। इससे गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर हो सकता है।
- 5. सूतक काल में बिस्तर पर लेटने और सोने की भी मनाही है।
सूतक में कौन-से काम कर सकते हैं?
- 1. इस बार श्राद्ध पक्ष के पहले दिन चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है, जिसके चलते पिंडदान, तर्पण आदि सूतक शुरू होने से पहले ही कर लें।
- 2. सूतक शुरू होने से पहले भगवान के मंदिर को परदे से ढंक दें।
- 3. सूतक के दौरान अपने ईष्टदेव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
- 4. सूतक शुरू होने से पहले खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें ताकि बाद में भी खाने योग्य रह सकें।
- 5. इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन विशेष रूप से करना चाहिए।