लक्ष्मणगढ तहसील के मल्ला का बास गाँव के युवाओं ने पेश की मानवता की मिसाल, पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए भरकर भेजी राहत सामग्री
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन) बाढ़ से जूझ रहे पंजाब के पीड़ितों की मदद के लिए लक्ष्मणगढ तहसील अंतर्गत ग्राम मल्ला का बास के मुस्लिम युवकों के साथ अन्य ग्रामीणों ने पंजाब में बाढ़ राहत सामग्री घर-घर इकट्ठा कर किट बनाकर एवं नगद राशि भेजी है। पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मल्ला का बास गाँव के युवाओं ने सराहनीय पहल की है। पूरे गाँव से घर-घर जाकर अनाज और धनराशि एकत्रित की गई और इसे राहत सामग्री के रूप में पंजाब भेजा गया।
इस मुहिम में गाँव के कई युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबीन खान, जुबेर खान, रफीक खान, रहमदिन, जिलशान, हकू, मुनफीद दुलोत, मुनफीद खान, वसीम अकरम संतोष मीणा अभिमन्यु मीणा ( सोकत भीम आर्मी) अरकत, आरुप, अरशद, राहुल, नफीस, मुनफीद, मनीष और सोहिल हामिद ईमाम मल्ला का बास की टीम ने मिलकर अनाज और नकद राशि इकट्ठा करने में अहम योगदान दिया। ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल से करीब 1680 किलो अनाज और ₹ 71000की राशि एकत्रित हुई। यह सामग्री पिकअप के माध्यम से पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों में भेजी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मुसीबत की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़ा होना ही इंसानियत का असली फ़र्ज़ है। इस पहल की सराहना पूरे क्षेत्र में की जा रही है। क्षेत्र में एकजुटता और मानवता का उदाहरण पेश करते हुए युवाओं में कुछ सदस्य पंजाब जाकर वहां की स्थिति का जायजा लेंगे। उनका उद्देश्य यह समझना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में और किन वस्तुओं की आवश्यकता है। ताकि और सहायता भेजी जा सके।
गांव निवासी अरकत का कहना है कि मुसीबत की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़ा होना ही इंसानियत का असली फ़र्ज़ है।इस पहल से सामाजिक एकता की भावना और मजबूत हुई है। यह प्रयास न सिर्फ पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का साधन है, बल्कि यह भी दिखाता है कि विपदा के समय में राजस्थान केअलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील का एक छोटा सा गांव दूसरे राज्य के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कैसे खड़ा हो सकता है। इस पहल की सराहना पूरे क्षेत्र में की जा रही है।


