लक्ष्य से दोगुनी बरसात होने के बावजूद तालाब सूखा ही रह गया
रामगढ़ (राधेश्याम गेरा ) रामगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के कस्बा अलावडा में माणकी रोड़ पर सैकड़ों वर्ष पुराना चार हैक्टेयर भूमि में स्थित तालाब है। जिसमें करीब दस पंद्रह वर्ष पूर्व तक पानी की आवक के रास्ते खुले रहने से हमेशा भरा रहता था। जिससे आसपास के क्षेत्र का जलस्तर भी हमेशा ऊंचा ही रहता था। गर्मियों में गांव के पशुपालक अपने पशुओं को पानी पिलाने के लिए तालाब पर ले जाते थे। पानी में एक दो घंटे रहने से पशु भी अपने आप को तरोताजा महसूस करते और दूध भी पर्याप्त मात्रा में देते थे।
साथ ही हर वर्ष तालाब में सिंघाड़े की खेती के लिए ठेके पर दिया जाता था जिससे ग्राम पंचायत को राजस्व की कमाई भी होती थी।
लेकिन लगभग दस पंद्रह वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा तालाब की खंडहर चार दिवारी की मरम्मत कराई गई जिसमें दक्षिण पश्चिम दिशा और उत्तर पूर्व कौने से आने वाले पानी के रास्ते के लिए दिवार के नीचे से मोरी छोड़ी गई थी। उसके बाद नरेगा में तालाब को गहरा करने के नाम पर नरेगा में श्रमिकों द्वारा मिट्टी को तालाब के अंदर से खोदकर दिवार के साथ साथ डाल दिया गया जिससे तालाब में आने वाले पानी का रास्ता ही बंद हो गया। साथ ही तालाब के चारों तरफ अतिक्रमण और झाड़ियां उग आने से तालाब में कंही से पानी नहीं आ पा रहा जिससे हर वर्ष प्राचीन तालाब सूखा ही रह रहा है। जिससे प्रयाप्त मात्रा में पेयजल के अभाव में अधिकतर पशुपालकों ने पशु रखना ही बंद कर दिया है। साथ ही तालाब के आसपास का जलस्तर भी दिनों दिन नीचे जा रहा है।
तीन दिन पूर्व तालाब के समीप रहने वाले चयनित परिवार के पदम सैनी का लगातार आने वाली बरसात के चलते मकान गिर गया।उसका निरीक्षण करने आए तहसीलदार अंकित गुप्ता को ग्रामीणों ने प्राचीन तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवा पानी की आवक के रास्ते खुलवाने का आग्रह किया तो तहसीलदार अंकित गुप्ता ने हल्का पटवारी सोनू मीणा और ग्राम विकास अधिकारी विक्रम यादव के साथ तालाब का अवलोकन किया और पाया कि तालाब में कंही से भी बरसात के पानी आने का रास्ता नहीं है। साथ ही लोगों ने बताया कि चार हैक्टेयर भूमि तालाब के नाम से है लेकिन लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया है यदि अतिक्रमण मुक्त करवा तारबंदी करवा दी जावे और वृक्षारोपण किया जावे तो यह तालाब लोगों के लिए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है । इस गत वर्ष और इस वर्ष भी वृक्षारोपण किया गया लेकिन देखरेख के अभाव में एक भी पौधा नहीं बचा है केवल झाड़ियां खड़ी हैं।
इस पर तहसीलदार अंकित गुप्ता ने ग्राम विकास अधिकारी को तालाब के विकास के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
इस दौरान तहसीलदार अंकित गुप्ता के साथ हल्का पटवारी सोनू मीणा, ग्राम विकास अधिकारी विक्रम यादव, भाजपा कार्यकर्ता शशीकांत शर्मा, चमन शर्मा, पुन्नी बाल्मीकि, रामकिशोर केवट व मीडिया कर्मी मौजूद रहे।