एसआईपीएफ विभाग के जिला कार्यालय करेंगे मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के सहायता केन्द्र के रूप में कार्य
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिले में जरूरतमंद, असहाय व अल्प आय वर्ग हेतु संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एवं राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना में बीमित, पंजीकृत समस्त परिवारों हेतु दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मृत्यु अथवा पूर्ण स्थाई अपंगता की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना संचालित की जा रही है।
संयुक्त निदेशक राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग गौरव कुमार ने बताया कि योजना में आठ प्रकार की दुर्घटनाओं यथा रेल, वायु, सडक दुर्घटना, उँचाई से गिरने तथा उँचाई से किसी वस्तु के गिरने, मकान के ढहने के कारण, थ्रेशर मशीन, कुट्टि मशीन, आरा मशीन, ग्लाईन्डर आदि से, बिजली के झटके, डूबने, जलने एवं रासायनिक द्रव्यों के छिडकाव से होने वाली दुर्घटनाओं में मृत्यु अथवा क्षति होने पर अधिकतम दस लाख रूपये प्रति परिवार प्रतिवर्ष आधार पर सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना में लाभ प्राप्त करने हेतु एमएडीबीवाई पोर्टल पर दावेदार स्वयं अथवा ई-मित्र के माध्यम से दावा आसानी से ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकता है। किन्तु ध्यान में आया है कि योजना की पर्याप्त जानकारी के अभाव में पीडित परिवार द्वारा सीधे दावा प्रस्तुत ना कर अन्य मध्यस्थ व्यक्तियों के माध्यम से प्रस्तुत करवाता है। उन्होंने बताया कि उसकी एवज में मध्यस्थों द्वारा कई बार पीडित परिवार से खाली चैक / राशि भी प्राप्त किया जाना संभावित है, जिसकी पृथक से जांच करवाई जा रही है। पूर्व में इस योजना में मध्यस्थों द्वारा गडबडी होने पर एफआईआर दर्ज हैं।
उन्होंने आमजन को सूचित किया है कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अन्तर्गत पेड-श्रेणी की पॉलिसी के लाभार्थी यथा समय अपनी पॉलिसी का नवीनीकरण करवाए। उन्होंने बताया कि सीमान्त कृषक श्रेणी एवं कोविड श्रेणी के लाभार्थी प्रतिवर्ष अपनी पॉलिसी डाउनलोड कर लें। लाभार्थी परिवार के प्रत्येक सदस्य का पंजियन जनाधार में करवाएं तथा लाभार्थी परिवार बिना किसी मध्यस्थ के स्वयं के स्तर पर आसानी से मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना में दावा प्रस्तुत कर सकता है। किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने एवं कठिनाई आने पर एसआईपीएफ विभाग के जिला कार्यालय डैडीकेटेड सहायता केन्द्र अथवा डिस्ट्रिक्ट हैल्पलाइन नम्बर 9660473206 पर अथवा सेन्ट्रल हैल्पलाइन नम्बर 18001806268 पर सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।