संत श्री दुर्बलनाथ पेनोरमा बिचगांवा मे बनाए जाने की मांग
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) तहसील क्षेत्र के ग्राम विच गांव में श्री दुर्बलनाथ जन्मभूमि समिति द्वारा श्री दुर्लभ नाथ पेनोरमा उनकी जन्मस्थली ग्राम मे ही बनाए जाने की मांग राज्य सरकार से की है।
अभी हाल ही में राजस्थान विधान सभा मे विधायक ने श्री दुर्बलनाथ पेनोरमा बनाये जाने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि श्री दुर्बलनाथ जी का पेनोरमा ऐसी जगह बने जहाँ संत का जन्म हुआ है, जहाँ भक्ति की जहाँ जीवन का सबसे ज्यादा वक्त व्यतीत किया है। बिचगांव जन्म स्थल पर ज़्यादा से ज़्यादा लोग पहुंच सके विदेशी भी आ सके और महाराज जी के बारे मे ज्यादा से ज्यादा जान सकें।
ज्ञात रहें बाँदीकुई मे महाराज जी की अंतिम यात्रा अर्थात समाधी स्थल है। इसलिए बाँदीकुई मे पेनोरमा बनाया जाना उचित नहीं है। ऐसे मे जन्मभूमि बिचगांव में पेनोरमा बने यहाँ जमीन भी पर्याप्त उपलब्ध है। विचगांव मे लोग उनके जीवन के बारे मे ज्यादा जान सकेंगे। इस विषय पर शीघ्र ही श्री दुर्बलनाथ समिति बिचगांव उपमुख्यमंत्री राजस्थान सरकार से भी मुलाक़ात करेगी। श्री दुर्बलनाथ जी की जीवनी के बारे मे सरकार को समिति द्वारा अवगत कराया जाएगा।
अभी हाल ही में मुख्यमंत्री निवास पर खटीक समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से स्नेहपूर्ण भेंटकर समाज के समग्र विकास पर सार्थक चर्चा की गई।प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक निर्णयों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सदैव समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक बैठे व्यक्ति तक पहुँचे। हमारी सरकार समाज के उत्थान और अंतिम पंक्ति तक विकास पहुँचाने के लिए निरंतर संकल्पबद्ध है।
सन्त श्री दुर्बलनाथ बोर्ड जो पिछली सरकार में बनाया गया था। उस बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। जिससे सरकार द्वारा बोर्ड को मिलने वाली राशि से आवासीय स्कूल खोलना, छात्रावास खोलना और अन्य समाज के हितार्थ कार्यो को गति मिले। समिति एवं समाज के लोगो ने सन्त श्री दुर्बलनाथ बोर्ड को संचालित करवाये जाने की पुरजोर मांग भी की है।