अंता : रामलीला में दूसरे दिन अहिल्या उद्धार व अंबिका पूजन का भव्य मंचन
अंता (शफीक मंसूरी ) श्रीराम कला मंडल अंता द्वारा आयोजित 10 दिवसीय भव्य रामलीला का शुभारंभसोमवार को धूमधाम से हुआ। यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी श्रीराम के जीवन के विविध पहलुओं को रंगमंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाने के लिए हुआ है। मंडल के अध्यक्ष श्री हरीश भंडारी और कोषाध्यक्ष श्री धनराज चौरसिया ने बताया कि पिछले कई वर्षों से इस रामलीला के आयोजन में भगवान श्रीराम के जीवन के विविध प्रसंगों को रंगमंच के माध्यम से जीवंत किया जा रहा है, ताकि जनमानस तक धर्म, संस्कृति और भक्ति का संदेश पहुंचे रामलीला के दूसरे दिन मंगलवार को दर्शकों ने राजा दशरथ के दरबार, गुरु वशिष्ठ का आश्रम, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, अंबिका पूजन और रंगमहलों के दृश्य देखे। रामलीला के मंचन के दौरान महर्षि विश्वामित्र अयोध्या नगरी आते हैं और राजा दशरथ से निवेदन करते हैं कि अरण्य क्षेत्र में आतंक मचा रहे राक्षसों, विशेष रूप से ताड़का, का नाश कियाजाए। ताड़का के आतंक को समाप्त करने के लिए राजा दशरथ श्रीराम और लक्ष्मण को गुरु विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। जैसे ही ताड़का वध का दृश्य मंच पर जीवंत हुआ, गढ़ परिसर 'जय श्रीराम' के गगनचुंबी जयकारों से गूंज उठा।
दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए, और सच्चे भक्तों की तरह राम के समर्पण में उनके दिल झूम उठे। रामलीला के इस अद्भुत मंचन के दौरान मुख्य यजमान गिरिराज माहेश्वरी और उनके परिवार ने सहभागिता की। इस अवसर पर त्रिलोकचंद शर्मा, बाबूलाल मालव, भंवरलाल दाधीच और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अतिथियों को दुपट्टा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। मंचन के दौरान समाजसेवियों और क्षेत्रीय नेताओं का भी अभूतपूर्व योगदान रहा, जिनके सहयोग से इस आयोजन ने न केवल धार्मिक भावना को बल दिया, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का संदेश भी दिया।


