नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड घोटाले में ग्रामीणों का आक्रोश, एजेंट के घर पर आगजनी तोड़फोड़
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर जिले के समीप खैरथल-तिजारा जिले के मातौर गांव में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड नामक फाइनेंस कंपनी से जुड़े कथित घोटाले ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये जमा करने के बाद कंपनी मालिक नरेश चौधरी के अचानक फरार हो जाने से आक्रोशित निवेशकों ने एजेंट दाताराम के घर पर तोड़फोड़ की और कई बाइक को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के अलावा, कंपनी के एक एजेंट दिनेश का शव खैरथल के रेलवे अंडरब्रिज के पास संदिग्ध हालात में बरामद होने से मामला और जटिल हो गया है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड कंपनी पिछले करीब दस साल से गांव में संचालित हो रही थी।
इसका हेडऑफिस भी मातौर गांव में ही स्थित था। कंपनी ने स्थानीय एजेंटों के माध्यम से मजदूरों, छोटे व्यापारियों और दुकानदारों से बचत की राशि जमा करवाई। निवेशकों को पासबुक, बॉन्ड और समय-समय पर ब्याज दिए जाने से लोगों का भरोसा कंपनी पर बढ़ता चला गया। दाताराम के बयान के मुताबिक, कंपनी में करीब 5 हजार लोगों के खाते खुले थे और करोड़ों रुपये जमा हो चुके थे। एजेंटों में दाताराम, सतपाल, दिनेश, मुबीन, असरु, बलविंदर, पपन, विक्की पांडेय और विक्की सहित कई लोग कलेक्शन का काम संभालते थे।
ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी ने जमा धनराशि का कुछ हिस्सा इलाके में लोन के रूप में भी वितरित किया, जिससे विश्वास और मजबूत हुआ। लेकिन अचानक नरेश चौधरी का फोन बंद हो गया और वह फरार बताए जा रहे हैं। दिनेश की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीण मृतक के साथी एजेंट दाताराम के घर इकट्ठा हो गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने घर पर तोड़फोड़ की और कुछ बाइक को आग लगा दी। एक ग्रामीण सद्दाम ने बताया, "मैंने एजेंट के जरिए 14 लाख रुपये जमा कराए थे। अब कंपनी मालिक फरार है, तो मेहनत की कमाई कौन लौटाएगा?"
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। खैरथल-तिजारा पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से जानकारी ली। एसपी ने बताया कि दिनेश की मौत की जांच चल रही है और कंपनी मालिक नरेश चौधरी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में भी केस दर्ज कर लिया है।
ग्रामीण अब सरकार और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि निवेशकों की राशि सुरक्षित कराई जाए और फरार मालिक को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है, जहां सैकड़ों परिवार अपनी जमा पूंजी गंवाने के कगार पर हैं। जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है।

