मंत्री गोदारा ने अधिकारियों से कहा- 'अपात्र लोग नहीं हटाए तो सस्पेंड कर दूंगा': ईमानदारी से काम करेंगे वही विभाग में रहेंगे
मंत्री गोदारा ने अधिकारियों को लताड़ा,गिव अप अभियान' में जिले की धीमी रफ्तार से नाराज
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने चिड़ावा और बुहाना की रसद इंस्पेक्टरों को चेतावनी दी कि यदि 31 अक्टूबर तक अपात्र लोगों को NFSA की सूची से बाहर नहीं किया गया, तो 1 नवंबर से उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा - गिव अप अभियान सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन इसमें झुंझुनूं जिला पूरे प्रदेश में 36वें स्थान पर है, जो चिंता का विषय है।
मंत्री ने बैठक में साफ कहा - जो अधिकारी ईमानदारी और पूरी जिम्मेदारी से काम करेंगे वही विभाग में टिक पाएंगे, अन्यथा उनके लिए कोई जगह नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य है कि अपात्र बाहर हों और पात्र लोग वंचित न रहें।
मंत्री गोदारा सोमवार को झुंझुनूं कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने गिव अप अभियान को लेकर साफ़ किया कि जिनके घरों में गाड़ी है, और जिनका बिजली-पानी का बिल 5,000 रुपए से ज्यादा आता है, उन्हें स्वेच्छा से अपना नाम 'गिव अप' करवा लेना चाहिए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 31 अक्टूबर तक अपात्र लोगों ने नाम नहीं हटवाया तो उनसे 30.57 प्रति किलो की दर से वसूली की जाएगी और उनके नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने चिड़ावा रसद निरीक्षक अनामिका और बुहाना रसद निरीक्षक रामावतार भेड़ा को ‘गिव अप’ अभियान में गंभीर लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई। मंत्री ने साफ कहा कि झुंझुनूं जैसे पढ़े-लिखे और सैनिक बहुल जिले में अपात्र लोग खाद्य सुरक्षा का फायदा नहीं उठाएं और पात्र वंचित न रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि 31 अक्टूबर तक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो दोनों अधिकारियों का सस्पेंशन तय है। अन्य अधिकारियों को भी आगाह किया गया कि अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दे की NFSA का लक्ष्य देश की लगभग दो-तिहाई आबादी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Targeted Public Distribution System - TPDS) के तहत रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।
50 हजार नाम हटाने की तैयारी
‘गिव अप’ अभियान को गति देने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं। मंत्री ने बताया कि झुंझुनूं जिले से कुल 50,000 अपात्र नाम हटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि तय समय सीमा में हर हाल में यह काम पूरा होना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई होगी।
मंत्री गोदारा बोले- नारों से नहीं, जिम्मेदारी से आएगा बदलाव:अपात्र लोगों से स्वेच्छा से NFSA का लाभ छोड़ने की अपील कीं
- जनता से सीधी अपील और वसूली की चेतावनी
मंत्री गोदारा ने जिले की जनता से अपील की कि जिनके घर में गाड़ी है या जिनका बिजली-पानी का बिल 5,000 रुपए से ज्यादा आता है, वे स्वेच्छा से अपना नाम ‘गिव अप’ करवा लें। उन्होंने चेतावनी दी कि 31 अक्टूबर तक अपात्र लोगों ने नाम नहीं हटवाया तो उनसे 30.57 रुपए प्रति किलो की दर से वसूली होगी और उनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
न्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और लोगों को प्रेरित करें कि जो पात्र नहीं हैं, वे खुद आगे बढ़कर अपने नाम हटाएं। समाज के सभी संभ्रांत और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति, जो फिलहाल इस योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें स्वेच्छा से अपना नाम वापस लेना चाहिए।
गोदारा ने कहा- यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्ग के लिए बनी है। यदि संपन्न लोग भी इसका लाभ लेते हैं, तो यह वास्तविक पात्रों का हक मारने जैसा है। उन्होंने इसे सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि जैसे गैस सब्सिडी छोड़ने का अभियान सफल रहा था, वैसे ही खाद्य सुरक्षा योजना का गिव अप अभियान भी आमजन के सहयोग से सफल होगा।
जिम्मेदारी से ही आएगा समाज में बदलाव
मंत्री ने 'गिव अप' अभियान के मकसद को पूरी संवेदनशीलता के साथ स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि जनता की जागरूकता और सहयोग से योजनाओं का सही लाभ सही लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि सक्षम लोग अपने नाम हटा लेंगे तो सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी, जो आज भी पात्रता के बावजूद योजना से बाहर हैं।
गोदारा ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि केवल नारों से बदलाव नहीं आता, बल्कि जागरूकता और जिम्मेदारी से ही समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता ही जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करता है।
समस्याओं का प्राथमिकता से होगा निस्तारण
संवाद कार्यक्रम के दौरान मंत्री गोदारा ने कार्यकर्ताओं की समस्याएं भी सुनीं और विभिन्न मुद्दों पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास से ही पार्टी और सरकार मजबूत होती है। इसलिए, कार्यकर्ताओं की हर समस्या का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा।
बैठक में मौजूद भाजपा नेताओं ने भी संगठन और जनता से जुड़े मुद्दे मंत्री के सामने रखे। कई कार्यकर्ताओं ने खाद्य आपूर्ति विभाग की स्थानीय समस्याओं पर ध्यान आकर्षित कराया, जिन पर मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने के आदेश दिए।
मंत्री गोदारा ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि झुंझुनूं सहित पूरे प्रदेश में खाद्य आपूर्ति विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार का संकल्प है कि राज्य की योजनाओं का लाभ किसी भी हाल में अपात्र व्यक्ति को नहीं मिलेगा।
अन्य घोषणाएं और निर्देश
- राशन दुकानों का विस्तार: दिसंबर तक हर पंचायत में राशन की दुकान खोली जाएगी, कोई पंचायत बिना दुकान के नहीं रहेगी।
- ई-केवाईसी अनिवार्य: अधिकारियों को स्कूलों तक जाकर ई-केवाईसी करवाने के निर्देश। पात्र व्यक्ति सूची से बाहर हुआ तो डीएसओ जिम्मेदार होंगे।
- नए नामों की जांच: झुंझुनूं से जुड़े 1,37,994 नए लाभार्थियों के नामों की डीएलओ स्तर पर अनिवार्य जांच होगी। गड़बड़ी पर कार्रवाई तय।
- अच्छा काम करने वालों का सम्मान: सूरजगढ़ इंस्पेक्टर सुरेंद्र और मलसीसर इंस्पेक्टर को 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा।
- परिवहन टेंडर: कमियां मिलने पर रद्द किए गए टेंडर की री-टेंडर प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी।