पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर गैंग :दो आरोपी गिरफ्तार, लग्ज़री कार और डम्पर- ट्रैक्टर जब्त
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में जिले की खैरथल पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े गिरोह का भांडाफोड़ किया है। यह गिरोह फर्जी और म्यूल अकाउंट न बेचकर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना फरीद और उसके सहयोगी संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी रतनलाल भार्गव और डीएसपी राजेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में खैरथल थाना प्रभारी करन सिंह की टीम ने जांच में पाया कि गिरोह भोले-भाले और गरीब लोगों से कमीशन पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को बेच देता था। इन खातों का इस्तेमाल सेक्सटॉर्शन, बैटिंग गेमिंग और अन्य ऑनलाइन फ्रॉड में किया जाता था। खाते फीज होने से पहले करोड़ों रुपये निकाले जाते थे। खैरथल साइबर सेल को एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली थी, जिस पर सेक्सटॉर्शन और अन्य फ्रॉड से जुड़ी 4 शिकायतें दर्ज थीं।
खाते में करोड़ों रुपये का लेन-देन पाया गया। जांच में खाता धारक संदीप कुमार निवासी दिलावरपुर और सरगना फरीद निवासी चांदोली का नाम सामने आया। पूछताछ में फरीद ने स्वीकार किया कि उसने सैकड़ों म्यूल अकाउंट साइबर ठगों को बेचे हैं।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में संदीप कुमार पुत्र कृष्णसिंह, निवासी दिलावरपुर, थाना विजय मंदिर अलवर और फरीद पुत्र इस्माईल, निवासी चांदोली, थाना विजय मंदिर, अलवर (मुख्य सरगना) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से साइबर ठगी से अर्जित अवैध संपत्ति जब्त की, जिसमें दो डम्पर के चेसिस-घोड़ा, एक ट्रैक्टर-टैंकर, एक AURA कार, एक मोटरसाइकिल और एक आईफोन 16 शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(2), 318(4), 61(2), 112 (2) एवं आईटी एक्ट की धारा 66 डी में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े और सरगनों की तलाश जारी है, जल्द ही और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।