प्रखर राजस्थान 2.0 अभियान के अंतर्गत शिक्षक ने बच्चों को रोचक अंदाज में पठन प्रक्रिया से जोडा: विभाग ने शाला दर्पण शिक्षक ऐप एवं यूट्यूब चैनल पर किया प्रसारित
मैंथना गांव के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के शिक्षक द्वारा निर्मित वीडियो को विभाग ने शाला दर्पण शिक्षक ऐप एवं यूट्यूब चैनल पर प्रसारित।
कठूमर/ दिनेश लेखी। महात्मा गांधी शहीद राजेन्द्र राजकीय विद्यालय मैंथना के शिक्षक किशन सिंह जादौन द्वारा निर्मित वीडियो..शीर्षक - कहानी का नाटक मंचन.. को प्रखर राजस्थान 2.0..के अंतर्गत विभाग द्वारा शाला दर्पण शिक्षक ऐप एवं यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया है।
इस दौरान शिक्षक किशन सिंह जादौन ने बताया कि प्रखर राजस्थान 2.0..के अंतर्गत विद्यालय के कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों ने एबीएल सामग्री का प्रयोग करते हुए एक कहानी पर नाटक मंचन किया है। राजस्थान सरकार द्वारा विद्यार्थियों में पठन कौशल और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए चलाया गया एक अभियान है।
अभियान का उद्देश्य- विद्यार्थियों के पठन कौशल को बेहतर बनाना। गिनती कौशल (न्यूमेरेसी) में सुधार करना। ज्ञान और समग्र विकास को बढ़ावा देना। लक्षित छात्रवर्ग
यह अभियान मुख्य रूप से कक्षा 1 से 8 (प्रखर राजस्थान 2.0 के तहत कक्षा 3 से 8) के विद्यार्थियों पर केंद्रित है। प्रखर राजस्थान 2.0 अभियान में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के पढ़ने में कठिनाई अनुभव कर रहे विद्यार्थियों को रीडिंग रेमेडियेशन पैकेज के माध्यम से पठन में दक्ष बनाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 5 दिसंबर तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का क्षमतावर्धन किया जाएगा।
बच्चों की पढ़ाई की कमजोरी होगी दूर- अभियान में बच्चों की पढ़ाई की कमजोरी को दूर किया जाएगा, जो विभाग के शाला संबलन और एआई आधारित में अपनी कक्षा के अनुसार पढ़ने में समर्थ नहीं है उन बच्चो को पढ़ाई के क्षेत्र में मजबूती प्रधान करने के लिए ये कार्य योजना बनाई गई है। इसके लिए विद्यार्थियों को तीन समूहों में बांटा गया है।
स्कूलों में बनेंगे तीन समूह पहला समूह इसमें ऐसे विद्यार्थी होंगे जिनको मात्राओं और अक्षरों को पहचानने में कठिनाई होती है।
दूसरा समूह - इसमें ऐसे विद्यार्थी होंगे जिनको शब्द पढ़ने में कठिनाई आती है।
तीसरा समूह- इसमें ऐसे विद्यार्थी होंगे जो वाक्यों और सरल पाठों को धारा प्रवाह नहीं पढ़ पाते और अटक-अटक कर पढ़ते हैं. उन विद्यार्थियों की क्षमता बढ़ाने के प्रयास होंगे।