राष्ट्रीय जन जागरण ज्योति कलश यात्रा बाबा मोहन राम की परिक्रमा से शुरू
भिवाड़ी (मुकेश कुमार) अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित राष्ट्रीय जन जागरण ज्योति कलश यात्रा आज सुबह बाबा मोहन राम की परिक्रमा से शुरू हुआ सभी श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र के अखंड जाप के साथ मंजीरा डफली हारमोनियम बजाते हुए यात्रा पुरी की यात्रा में आने वाले गांव गोधन में यात्रा का पूरे गांव वालों ने श्रद्धा भाव से पूजन कर स्वागत किया बाबा के मंदिर में 700 साल पुरानी ज्योति को मोहन राम अखंड ज्योति से मिलाया काली खोली स्थित सभी दुकानदारों ने हरिद्वार की इस यात्रा के दर्शन किए यात्रा के बाद काली खोली धाम में सामूहिक पूजा हुई और उसके बाद सभी ने प्रसाद ग्रहण किया भिवाड़ी में शांतिकुंज हरिद्वार की तरफ से काली खोली शक्ति पीठ पर जन कल्याण के कार्य शुरू किए जाने के क्रम में एक प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ जिसमें पत्रकार बंधुओ से विस्तृत बातचीत हुई गायत्री प्रवक्ता डीसी यादव ने बताया कि हम जल्द ही नेचुरोपैथी यज्ञोपैथी ध्यान योग एवं 16 संस्कारों को समाज के लिए शुरू कर रहे हैं मेले के दौरान भारी समस्या को ध्यान में रखते हुए गायत्री मंदिर के सामने सुलभ शौचालय का शुभारंभ किया जिसमें पांच महिला तथा पांच पुरुषों के लिए बनाए गए नगर भ्रमण के समय गोपीनाथ हॉस्पिटल में यात्रा का भारी स्वागत किया गया डॉक्टर नीरज अग्रवाल ने बताया कि यह यात्राएं समाज निर्माण के लिए बहुत जरूरी है नई पीढ़ी को संस्कार डालकर गायत्री परिवार एक बहुत बड़ा सराहनीय कार्य कर रहा है भिवाड़ी को इसका बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा गौरव पथ पर गायत्री तथा यज्ञ का जागरण हुआ आशियाना तरंग में दीपक का आयोजन किया गया
प्रवचन के दौरान शांतिकुंज प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह जादौन ने मानव देव को अमूल्य बताते हुए सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया उन्होंने बताया कि हर चीज की एक्सपायरी डेट होती है समय निकालने पर सब खराब जैसे फूल मुरझाने लगते हैं लगते हैं फल खराब हो जाते हैं सब्जी खराब अनाज खराब दाल सब खराब हो जाती है दूध फट जाता है इसी तरीके से शरीर भी खराब हो जाता है बाल झड़ने लग जाते हैं खाल लटक जाती है बाल सफेद हो जाते हैं कान कम सुनने लगते हैं तो हमें समझ लेना चाहिए कि भगवान ने सचेत किया है आधा जीवन अपने को पूरा समाज और शरीर के लिए जाना चाहिए आधा जीवन अध्यात्म की ओर चल के समाज की सेवा और भगवान की प्रार्थना करनी चाहिए चार आश्रमों पर प्रकाश डालते हुए आचार्य ने बताया पहले आश्रम है ब्रह्मचर्य आश्रम दूसरा ग्रस्त आश्रम तीसरा वानप्रस्थ आश्रम और चौथा सन्यास आश्रम ग्रस्त और ब्रह्मचर्य आश्रम अपने लिए जीते हैं वानप्रस्थ आश्रम में समाज की सेवा तथा सन्यास आश्रम में पूरी तरह भगवान को अपने आप को समर्पित करते हुए उसकी दुनिया की सेवा करना ही उन्होंने धर्म बताया इस मौके पर डॉक्टर नीरज अग्रवाल राधेश्याम त्यागी आशीष गुप्ता राधेश्याम शर्मा बीडी शर्मा वेद अनिल कुमार प्रदीप पंचोली अनिल शर्मा तुलसीराम हरिराम गुप्ता अमित शर्मा संरक्षक श्री जी आर गुप्ता जिला समन्वयक रामकृष्ण मीणा विकास यादव ध्रुव शर्मा शशि कला गुप्ता मदनलाल गुप्ता अमित गुप्ता आदि मौजूद रहे