राजस्थान विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने राज्य सरकार द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना करते हुए भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों की नाम पट्टिका से राजीव गांधी जी का नाम हटाये जाने को लेकर सरकार की कड़े शब्दों में निन्दा की है और कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की ओछी मानसिकता को प्रदर्शित करता है।
प्रतिपक्ष के नेता जूली ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहीं हैं, लेकिन राज्य सरकार का इस प्रकार का कृत्य घोर निन्दनीय और आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा पहले सेवा केन्द्रों का नाम बदल कर अटल सेवा केन्द्र किये जाने के आदेश के खिलाफ पूर्व विधायक संयम लोढा द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर किये जाने और मा. उच्च न्यायालय द्वारा इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर पूर्ववत् नाम रखे जाने के निर्णय उपरांत राज्य सरकार द्वारा सभी भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का नाम यथावत् रखे जाने के आदेश जारी किये गये, लेकिन यह भाजपा सरकार को हजम नहीं हुआ और षड़यंत्रपूर्वक दिनांक 19 सितम्बर, 2025 को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा आदेश क्रमांकः एफ.4 (1111) परावि/पीसी/विविध/ 22-00409 जारी किया गया, जिसमें प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में स्थित ‘भारत निर्माण सेवा केन्द्रों’ की मरम्मत एवं रंग रोगन के कार्य करवाये जाने के निर्देश दिये गये, लेकिन इस आदेश की आड़ में योजनाबद्ध तरीके से भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों की नाम पट्टिका से राजीव गांधी जी का नाम हटा दिया गया।
उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना करते हुए राज्य सरकार द्वारा की गई इस कारगुजारी पर आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री और शासन सचिव को पत्र लिखकर अविलम्ब इस सम्बन्ध में अपनी भूल को सुधार करते हुए प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में स्थापित सेवा केन्द्रों की नाम पट्टिका में पुनः राजीव गांधी का नाम जोडते हुए पूर्ववत् नाम पट्टिकाएं बनवाये जाने की मांग की है और कहा है कि कांग्रेस भाजपा सरकार की इस हठधर्मिता को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके लिये हर स्तर पर संघर्ष को तैयार रहेगी।