ग्रामसभा के प्रस्तावों और हस्ताक्षरों की जांच अब AI से, सरपंच-सचिव नहीं बदल पाएंगे प्रधानमंत्री आवास योजना केपात्रों की सूची
जयपुर (राजस्थान) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत 'आवास प्लस 2024' सर्वेक्षण में पारदर्शिता लाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में आवास आवंटन की अंतिम वरीयता सूची तैयार करने के दौरान स्थानीय स्तर पर होने वाले भाई-भतीजावाद और राजनीतिक रंजिश पर तकनीकी अंकुश लगेगा। नई व्यवस्था के तहत ग्रामसभा के प्रस्तावों और सरपंच-सचिव के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की जांच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल द्वारा की जाएगी।
- मनमर्जी से नाम काटना या जोड़ना हुआ नामुमकिन
आवास सर्वे के बाद लक्ष्य आवंटन और ग्राम पंचायतवार वरीयता सूची का निर्माण पूरी तरह से 'आवास सॉफ्ट' प्रणाली के माध्यम से ऑटोमेटेड कर दिया गया है। प्राथमिकता निर्धारण के पैरामीटर सॉफ्टवेयर में पहले से ही फीड हैं, जिससे अब सरपंच या ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) अपनी मर्जी से किसी का नाम सूची में ऊपर या नीचे नहीं कर सकेंगे।
यदि ग्रामसभा किसी परिवार की पात्रता या वरीयता क्रम में कोई बदलाव करना भी चाहती है, तो ब्लॉक लॉगिन पर प्रत्येक केस के लिए ठोस और जरूरी कारण बताना होगा। बिना वैध कारण के डिजिटल सिस्टम डेटा अपडेट करने की अनुमति नहीं देगा।
AI वेरिफिकेशन फेल होने पर लॉक होगी प्रक्रिया
नई प्रक्रिया के अनुसार, ग्रामसभा के बाद ब्लॉक आईडी पर एक ऑटो-जनरेटेड प्रस्ताव का टेम्पलेट डाउनलोड करना होगा। इस पर सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के बाद इसे दोबारा 'आवास सॉफ्ट' पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद पोर्टल का एआई (AI) मॉडल स्वतः ही जांचेगा कि दस्तावेज और हस्ताक्षर असली हैं या नहीं। यदि एआई वेरिफिकेशन फेल होता है, तो पूरी प्रक्रिया तुरंत लॉक हो जाएगी।
पात्रता के 12 कड़े मापदंड तय
मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर पात्रता के 12 कड़े मापदंड रखे गए हैं। निम्नलिखित श्रेणियों के लोग इस सूची से स्वतः बाहर हो जाएंगे:
- पक्की छत या पक्की दीवारों वाले मकान में रहने वाले परिवार।
- दुपहिया/तिपहिया/चार पहिया वाहन या कृषि उपकरण (जैसे ट्रैक्टर) के मालिक।
- ₹50,000 या उससे अधिक की क्रेडिट सीमा (केसीसी) वाले किसान।
- परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी कर्मचारी होना।
- गैर-कृषि उद्योग वाले परिवार या हर महीने ₹15,000 से अधिक कमाने वाले लोग।
गलत तरीके से नाम हटने पर जिला कमेटी में अपील
यदि किसी स्थानीय रंजिश या मिलीभगत के कारण किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटा दिया जाता है, तो पीड़ित व्यक्ति को न्याय का अधिकार दिया गया है। वह जिला स्तर पर गठित 'जिला अपीलेट कमेटी' के समक्ष अपनी अपील दर्ज करा सकेगा। इस कमेटी द्वारा प्राप्त अपीलों के निस्तारण और हरी झंडी के बाद ही ग्राम पंचायतवार अंतिम सूची को आगामी 10 जुलाई तक पोर्टल पर लॉक किया जाएगा। प्रशासन ने इस पूरी कवायद के लिए सख्त समय-सीमा तय की है।
DB Report https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/gram-sabha-proposals-and-signatures-will-be-verified-by-ai-dbp-138264579.html


