भागवत कथा में सजाई कृष्ण रूक्मिणी की झांकी, जयकारों से माहौल भक्तिमय
सकट क्षेत्र के मोतीवाड़ा गांव में कुटी की तलाई डुंगरी बास स्थित भोमियाजी महाराज के स्थान पर चल रही श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में शनिवार को श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह हुआ। जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कथा व्यास बनवारी बापू ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़े हैं तब तब भगवान ने किसी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार किया है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाने की लीला का वर्णन किया। कृष्ण रुक्मणी विवाह के दौरान श्रद्धालुओं ने पीले हाथ कर कन्या दान किया और महिलाओं ने मंगल गीत गाए। इस दौरान भगवान के जयकारों से संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया। कथा के दौरान सजाई गई भगवान श्री कृष्णा व रुक्मणी जी की संजीवन झांकी लोगों का आकर्षण का केंद्र रही। कथा सुनने के लिए मोतीवाड़ा गांव सहित आसपास के गांवों से लोगों की भीड़ उमड़ी। रामस्वरूप बोहरा ने बताया कि कथा का समापन पूर्णाहुति व भंडारे के साथ 17 नवंबर को होगा।

