राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कंडम क्वाटर्स को लेकर प्रभारी को ज्ञापन सौंपा
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सको के आवासीय क्वाटर्स के कंडम को लेकर इंचार्ज डॉ. रमेश मीना को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि सीएचसी राजगढ़ परिसर में स्थित आवासों के जुलाई माह में पीडब्ल्यूडी द्वारा कंडम घोषित होने के पत्र के प्राप्ति के बावजूद करीब 4 माह तक आवासरत चिकित्सको को सूचना न देकर गोपनीय रखा गया। उक्त अवधि के दौरान सभी चिकित्सको के एचआरए एवं मेंटिनेंस चार्ज की कटौती नियमित नियम विरद्ध करते रहे। ज्ञापन में बताया कि पत्र को गोपनीय रखकर चिकित्सको की जान जोखिम में क्यों डाली गई। पत्र के माध्यम से अवधि के दौरान कोई जनहानि हो जाती तो उसका जिम्मेदार कौन होता है। डॉ. बिजेंद्र मीना ने बताया कि चार चिकित्सको को कल क्वाटर्स खाली करने का नोटिस दिया था। नोटिस की पालना में क्वाटर्स को समयावधि में खाली कर देंगे। वही उनका राजगढ़ में खोले जा रहे ट्रॉमा सेंटर का कोई विरोध नही है। उन्होंने ज्ञापन को लेकर बताया कि जब करीब 4 माह पूर्व क्वाटर्स कंडम घोषित कर दिये तो उन्हें सूचना नही दी गयी है। अगर कोई जनहानि हो जाती तो उसका जिम्मेदार कोई नही होता। वही कंडम घोषित होने के बाद एचआरए कट रहे है। जिसका विरोध था उसको लेकर ज्ञापन दिया है। चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रमेश मीना ने बताया कि विधित है कि राजगढ़ में बहुप्रतीक्षित ट्रॉमा सेंटर बनना है। इसी को लेकर सीएमएचओ अलवर की तरफ से निर्देश मिला था कि काफी दिन से प्रयास कर रहे है तो जमीन चिन्हित होने के बाद लेट क्यो हो रहा है। उसी क्रम में एनएचएम के एक्सईएन से जगह चिन्हित करवाई थी। जिनको लेकर चार चिकित्सको क्वाटर्स खाली करने को लेकर पत्र लिखा था। लेकिन उन चिकित्सको ने उस पत्र को रिसीव नही किया और उनके कर्मचारी को लौटा दिया। उसी को लेकर चिकित्सको द्वारा विरोध किया गया था उन्हें कुछ समय चाहिए तो उनकी बातें सुनी एवं सीएमएचओ को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि महिला चिकित्सालय परिसर में जो एक लाइन में चार चिकित्सको के क्वाटर्स है। इस प्रस्ताव में तीन बिल्डिंग है, सबसे पहले ट्रॉमा सेंटर, बीपीएचयू और एन्डीएचयू है। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय का क्रमबद्ध विकास नही हो पाया।