लक्ष्मणगढ़ में दिखी अनोखी श्रद्धा,भजनों की धुन पर निकली बंदर की अंतिम यात्रा
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
बिजली के तारों के बीच झूल रहे एक बंदर को अचानक करंट लग गया।करंट लगते ही बंदर नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत दौड़कर उसकी सेवा की, उसे पानी पिलाया और बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों के तमास प्रयासों के बावजूद बंदर ने दम तोड़ दिया. बंदर की मौत के बाद में शोक का माहौल हो गया।
घटना रविवार कस्बे के पुराने बस स्टैंड जालूकी रोड स्थित एक बंदर की बिजली के तारों से खंभे पर चिपक कर मौत हो गई। कस्बे के धार्मिक एवं जागरूक नवयुवकों द्वारा बंदर की अंतिम यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ, डीजे की धुन परऔर जय श्रीराम के नारे लगाते हुए बस स्टैंड से मालाखेड़ा रोड के रूट होते हुए रामबढ़ पंचमुखी हनुमान मंदिर तक निकाली गई थी। ग्रामीणों ने बंदर को हनुमान जी का स्वरूप मानकर यहा श्रद्धांजलि दी।
अंतिम यात्रा में बंदर की मौत के बाद ग्रामीणों की भावनात्मक जुड़ाव देखा गया।
बंदर के शव को फूल-मालाओं और चुनरियों से सजाया गया। धार्मिक उपस्थित लोगों ने बताया कि हमारे धर्म में बंदर को हमेशा से हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए हम सभी ने उसे उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ विदा किया। जैसे किसी अपने परिजन को अंतिम विदाई दी जाती है। उन्होंने कहा हमें विश्वास है कि यह बंदर हमारे गांव के लिए सौभाग्य लेकर आया था इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
शव यात्रा के दौरान मोनी हरियाणा सुनील हरियाणा योगेश खंडेलवाल सोनू हरियाणा सौरभ साहू नहनू साहू सोनू जैन आदि लोग प्रमुख थे।