जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया बाल-वाहिनियों का औचक निरीक्षण, कई वाहन मौके पर जब्त
भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशों एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के आदेशों की पालना में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनुतोष गुप्ता द्वारा राष्ट्रीय केवलादेव घना पक्षी विहार, राष्ट्रीय राजमार्ग तिराहा क्षेत्र में विद्यालयों की ओर से संचालित बसों, टेम्पो एवं वैनों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बाल-वाहिनियों की सुरक्षा मानकों एवं वैधानिक व्यवस्थाओं की गहन जांच की। इस दौरान उन्होंने वाहनों के अनिवार्य दस्तावेज जैसे वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, पंजीकरण, विद्यालय का नाम-पता, ड्राइवर का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर की उपलब्धता की जांच की। साथ ही वाहन के रंग, जीपीएस सिस्टम, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र तथा बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक प्रावधानों की भी बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के समय कई वाहन आवश्यक दस्तावेजों के बिना संचालित होते पाए गए। जिन वाहनों के पास वैध फिटनेस, बीमा एवं परमिट उपलब्ध नहीं थे, उन्हें मौके पर ही जब्त कराया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ वाहन ऐसे भी पाए गए जिन्हें बाल-वाहिनी के रूप में पंजीकृत किए बिना विद्यालयी परिवहन के रूप में उपयोग किया जा रहा था। ऐसे वाहनों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु जिला परिवहन अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है।
सचिव अनुतोष गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा विद्यालयों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल सुरक्षित एवं पंजीकृत बाल-वाहिनियों में ही स्कूल भेजें। यदि विद्यालय स्तर पर परिवहन व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता है या अभिभावकों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय (बिजलीघर चौराहा, जिला न्यायालय परिसर) में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की सतत निगरानी जारी रहेगी तथा आवश्यक होने पर भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण किए जाएंगे।