विकास कार्यों की मांग की अनदेखी कर मांग करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना भाजपा सरकार को बदनाम करना यह बर्दाश्त नहीं - आचार्य
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) मीडिया देश के विकास का चौथा स्तंभ है उन्हें आमजन के प्रति आवाज उठानी चाहिए ना की विकास के प्रति लापरवाह अधिकारियों के पक्ष में। आमजन द्वारा उनके हक व अधिकार के लिए मांग करना कोई कानूनी जुर्म नहीं है क्योंकि सचिव साहब एक लोक सेवक है जिन्हें जनता का नौकर भी कहा जाता है अतः जनता की सुनना उनकी मांगों को पूरा करना एक नौकर का मालिक के प्रति कर्तव्य होता है जिनसे वह सेवा का मेहनताना प्राप्त करता है उन्हें इस तरह मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देखकर विकास के कार्यों की अनदेखी करना लोकसेवक द्वारा कार्य के प्रति घोर लापरवाही व भ्रष्टाचार का प्रतीक है सचिव महोदय जब से यहां लगे हैं तब से भ्रष्टाचार को बढ़ावा ही मिला है यूआईटी में कई फाइलों को अटका दिया जाता है वह आमजन को परेशान किया जाता है यूआईटी केवल दलालों की व भू माफियाओं की नौकर बन गई है। केवल भू माफियाओं एवं बड़े लिंक वालों का ही काम हो रहा है जिन कार्यों में यूआईटी के अधिकारियों को बदले में मिठाई प्राप्त होती हो वह कार्य जल्दी होते हैं बाकी आमजन के कार्यों को नजरअंदाज किया जाता रहा है तथा उक्त सचिव महोदय द्वारा भाजपा के राज मेंही भाजपा के कार्यकर्ताओं पदाधिकारीयो द्वारा आमजन के हितार्थ की जाने वाली मांगों को जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है इसी का एक उदाहरण उपनगर पुर के लोगों को पिछली सरकार द्वारा दिए गए मुआवजे स्वरूप भूखंडों को भी उक्त सचिव ने रिश्वत नहीं मिलने के कारण निरस्त कर दिए जबकि यूआईटी के अधिकारियों द्वारा ही सर्वे करवा कर हुए नुकसान के मुताबिक लॉटरी में शामिल कर नियमानुसार भूखंड आवंटित किए गए थे।
जिनके लिए भाजपा के पार्षदों द्वारा लेटर पैड पर लिख कर दिया गया कि उनके अलग-अलग मकान में अलग-अलग नुकसान हुआ है उसी के मुताबिक ही यूआईटी के अधिकारियों द्वारा इन्हें भूखंड आवंटित किए गए। तथा कई बार इस मामले को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारीयो द्वारा भी नियम अनुसार आवंटित भूखंडों को जारी करने हेतु लिख कर दिया गया लेकिन यूआईटी के अधिकारियों व जिम्मेदार सचिव महोदय की भाजपा के विरोधी मानसिकता के चलते भाजपा सरकार को बदनाम करने की नीयत से आमजन में भाजपा सरकार के प्रति असंतोष व्याप्त करने की मंशा से आमजन के कार्य को अटका दिया जाता है वह विकास के कार्यों को नजर अंदाज किया जा रहा है तथा आज तो उनके द्वारा आमजन को विकास के कार्यों की मांग को दबाने हेतु जो हथकंडा अपनाया जा रहा है वह आमजन को डराने के लिए भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए हैं अतः ऐसे लोक सेवक को पद पर बना रहना आमजन के लिए वह भाजपा सरकार के लिए सही नहीं है भीलवाड़ा के सभी जनता व संगठनों को इसका विरोध करना चाहिए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन भीलवाड़ा भी इसका गौर विरोध करता है तथा उचित मंच पर इनको हटाने के लिए व यूआईटी में हो रहे भ्रष्टाचार विकास कार्यों की अनदेखी की जांच करने के लिए पत्र लिखकर मांग की जाएगी।