समाजसेवी कप्तान सिंह सोंलकी को उच्च न्यायालय से मिली राहत; एसपी एवं थाना प्रभारी को दिए एचएस सूची से नाम हटाने के निर्देश

Dec 19, 2025 - 13:38
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समाजसेवी कप्तान सिंह सोंलकी को उच्च न्यायालय से मिली राहत; एसपी एवं थाना प्रभारी को दिए एचएस सूची से नाम हटाने के निर्देश

भरतपुर, (विष्णु मित्तल) राजस्थान हाई कोर्ट से भुसावर थाना क्षेत्र के गांव घाटरी निवासी वं बेहतरीन जाट समाज के अध्यक्ष कप्तान सिंह सोंलकी को हिस्ट्रीशीटर प्रकरण में राहत मिली है,हाई कोर्ट ने उक्त प्रकरण को असत्य मानते हुए भरतपुर के जिला पुलिस अधीक्षक एवं भुसावर थाना के थानाधिकारी को कप्तान सिंह सोंलकी का नाम हिस्ट्रीशीटरों की सूची से हटाने और हिस्ट्रीशीट बन्द करने के निर्देश जारी किए है। ये फैसला एस.बी.आपराधिक रिट याचिका सख्यां 1134/2025 हाई कोर्ट के जस्टिस अनूप कुमार ढंढ ने दिया है। हाई कोर्ट के फैसला की छाया प्रति दिखाते हुए गांव घाटरी निवासी कप्तान सिंह सोंलकी पुत्र अमर सिंह ने बताया कि जिले के कुछ राजनेता एवं मेरे विरोधी पक्ष के लोगों ने राजनैतिक छवि धूमल करने तथा व्यक्तिगत राजनैतिक दुश्मनी निकाले के उद्देश्य से पुलिस पर दवाव बना कर 23 अप्रेल 2025 को मेरा नाम हिस्ट्रीशीटरों की सूची शामिल कर दिया,जबकि मैं और मेरा परिवार समाजसेवी है तथा ग्राम पंचायत घाटरी को दो बार स्वयं सरपचं रहा और वर्तमान में मेरी मां प्रशासक सरपंच है। मैं भुसावर-वैर तहसील स्तरीय बेहतरीन जाट समाज का अध्यक्ष हूं। अप्रेल 2025 में भरतपुर के रहे जिला पुलिस अधीक्षक ने मेरी हिस्ट्रीशीटर खोलने के आदेश जारी किए,जो नियम के विरूद्व थे। 

उन्होने बताया कि मेरे खिलाफ भुसावर थाना में कुल दस प्रकरण इन्द्राज हुए,जिनमें से पाचं में एफआर लगी और पांच प्रकरणों का अदालत में चालान पेश हुआ,जिनमें से अदालत ने चार प्रकरण में बरी कर दिया,एक प्रकरण वाहन एक्सीडेंट का था,उसमें जुर्माना हुआ है। वाहन दुर्घटना होना दुर्भाब्य की बात है, ना कि आपराधिक प्रवृति की। मुझको मानसिक तौर पर परेशान होना पडा। भरतपुर एसपी ने 23 अप्रेल 2025 को मेरी हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दिए,उसके बाद भुसावर पुलिस ने मेरा नाम हिस्ट्रीशीटरों की सूची में शामिल कर दिया गया। उन्होने बताया कि जब मेरे को अपराधी प्रवृति का माना गया,तो अन्त में राजस्थान हाई कोर्ट की शरण लेकर याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने मेरी सुनी और मेरे पक्ष में सत्य फैसला दिया। उन्होने हाई कोर्ट के फैसला की प्रति दिखाते हुए बताया कि हाई कोर्ट के जस्टिस अनूप कुमार ढंढ ने समग्र तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए ,यह स्पष्ट करते हुए  याचिकाकर्ता , 1953 के अधिनियम की धारा 2(1)(क) के अनुसार आदतन अपराधी नही माना है। अतःयाचिकाकर्ता का नाम हिस्ट्रीशीट/निगरानी रजिस्टर में दर्ज नही किया जा सकता। एसपी के द्वारा 23 अप्रेल 2025 को पेरित आदेश कानून की दृष्टि में वैधानिक रूप से टिकने योग्य नही है और इसे एवं अपास्त किया जाने के फैसला दिया। साथ ही हाई कोर्ट जस्टिस अनूप कुमार ढंढ ने तदनुसार वर्तमान में आपराधिक विविध याचिका स्वीकार की और भरतपुर एसपी एवं भुसावर थाना प्रभारी को निर्देश दिया  िकवे याचिकाकर्ता कप्तान सिंह सोंलकी पुत्र अमर सिंह निवासी घाटरी थाना भुसावर,जिला भरतपुर का नाम यदि पहले से ही पुलिस के हिस्ट्रीशीट/निगरानी रजिस्टर में दर्ज है,तो उसे तत्काल हटा दे। 
पूर्व सरपचं कप्तान सिंह सोंलकी ने बताया कि सत्य पर चलना वाला व्यक्ति परेशान हो सकता है,लेकिन ऐसे व्यक्ति की विजय अवश्य होती है। मेरे खिलाफ जिन्होने भी ये षडयन्त्र रचा और पुलिस प्रशासन पर दवाव बना कर मेरी हिस्ट्रीशीटर खुलवाई,ऐसे व्यक्ति सफल नही हुए,ईश्वर ने मेरा साथ दिया और राजस्थान हाई कोर्ट से मुझे राहत मिली साथ ही मेरे चरित्र पर लगा कंलक मिटा दिया। मुझे कोर्ट पर पुरा विश्वास कायम था। हमेशा सत्य की जीत होती है और असत्य की हार,ये उदाहरण अनेक देखने को मिले। आज भी धरती पर सत्य कायम है।

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