अब किताबें खुद चलकर आएंगी आपके पास! अलवर के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहा है अनोखा 'ई ज्ञान वाहन
लक्ष्मणगढ़ (अलवर ) कमलेश जैन
गुरुकुल ज्ञान वाहन सेवा राजस्थान के अलवर जिले में वी-शक्ति ट्रस्ट द्वारा शुरू की गई एक अनूठी पहल है। इस सेवा का उद्देश्य वंचित और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है।
आज ई -गुरुकुल, ज्ञान वाहन के लक्ष्मणगढ़ आगमन पर लोगों ने केंद्रीय मंत्री की पहल की प्रशंसा की, इस वाहन का कुछ समय के लिए जागरूक नवयुवकों द्वारा सदुपयोग किया।
यह सेवा उन बच्चों तक किताबें और शैक्षिक सामग्री पहुँचाने पर केंद्रित है, जिनके पास शिक्षा के सीमित संसाधन हैं। इसका लक्ष्य शिक्षा को लोगों के द्वार तक ले जाना है, जिससे किताबें खुद चलकर आपके पास आएंगी।
यह पहल केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा मुख्य रूप से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में अलवर जिले में शुरू की गई है, जहाँ यह मलिन बस्तियों और स्कूलों में 'रात्रि चौपाल' जैसा दृश्य बनाती है, वाहन आधुनिक तकनीकी से सुसज्जित फर्नीचर रोशनी व्यवस्था ऐसी एवं पुस्तकों के भंडार से सुसज्जित देखा गया । इससे स्थानीय लोगों को जोड़ा जाएगा।
इस पहल को स्थानीय मीडिया और सामाजिक संगठनों भाजपा के जैकी खंडेलवाल हेमंत तिवारी संजय सोनी गौरव साहू के द्वारा सराहा गया है, क्योंकि यह शिक्षा के प्रसार के लिए एक अभिनव तरीका है।
मौके पर चालक द्वारा बताया गया कि यह एक गैर-सरकारी संगठन एनजीओ की पहल है, न कि किसी सरकारी योजना का हिस्सा।
एक बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए ई- गुरुकुल आदर्श विकल्प है। क्योंकि यह न केवल अकादमिक ज्ञान देता है बल्कि उन्हें जीवन के हर हिस्से के लिए तैयार करता है। यह आधे-अधूरे ज्ञान के बजाय पूर्ण ज्ञान पैदा करने की एक अच्छी प्रणाली है। जिसे हम वर्तमान प्रणाली के साथ जोड रहे हैं।

