गोविन्दगढ़ में 4.5 करोड़ की अमृत योजना शुरू: पेयजल समस्या का होगा समाधान, जल प्रबंधन सुधरेगा
अलवर के गोविन्दगढ़ कस्बे में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल शुरू की गई है। अमृत योजना 2.0 के तहत 4.5 करोड़ रुपए की लागत से चार ट्यूबवेल, दो पानी की टंकियां और नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। इस योजना के पूरा होने पर कस्बे के हर क्षेत्र में शुद्ध और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
अब तक कस्बे में जलापूर्ति मोटरों के माध्यम से होती थी, जिससे लोगों, खासकर महिलाओं को रातभर जागकर पानी का इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पानी सीधे टंकियों से घरों तक पहुंचेगा, जिससे यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
पीएचईडी विभाग के सहायक अभियंता जैकी शर्मा ने बताया कि योजना के तहत चार बोरवेल और दो पानी की टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें से एक टंकी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि दूसरी टंकी सीकरी रोड स्थित पुरानी टंकी को हटाकर उसी स्थान पर बनाई जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत को दूर करना है।
इस योजना के माध्यम से उन बस्तियों में भी पहली बार पेयजल आपूर्ति की जाएगी, जहां अब तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इसके लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। जिन कॉलोनियों में पाइपलाइन नहीं है या पुरानी और जर्जर हो चुकी है, वहां भी नई लाइनें डाली जाएंगी।
नए बोरवेल नई तहसील परिसर, चिरमरवाड़ा रोड, गंदीका रोड और नत्थूमहर का बास में किए गए हैं। हरिजन मोहल्ला और सीकरी रोड पर पानी की टंकियां बनाई जाएंगी। प्रत्येक टंकी की क्षमता एक लाख लीटर होगी, जिस पर लगभग 87 लाख रुपए की लागत आएगी।