अयोध्या में बड़ा हादसा: परिवहन मंत्री के महायज्ञ पंडाल में लगी भीषण आग; राम मंदिर से महज 800 मीटर दूर मची अफरा-तफरी
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अयोध्या (शशि जायसवाल) रामनगरी के राजघाट क्षेत्र में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब बाटी वाले बाबा घाट के निकट आयोजित 'श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ' के विशाल पंडाल में अचानक भीषण आग लग गई। यह महायज्ञ उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में और स्वामी जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि लगभग एक एकड़ में फैला पंडाल देखते ही देखते जलकर खाक हो गया।
घटनास्थल राम जन्मभूमि मंदिर से मात्र 800 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां भी तुरंत अलर्ट हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात कारणों से शुरू हुई चिंगारी ने क्षण भर में विकराल रूप धारण कर लिया। पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, हालांकि प्रारंभिक सूचना के अनुसार किसी जनहानि की खबर नहीं है।
जिस वक्त यह हादसा हुआ, प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी यज्ञ स्थल पर ही मौजूद थे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और राहत कार्य में जुट गए। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही आसमान में काला धुआं देखा जा सकता था।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार से पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। दमकल विभाग की मुस्तैदी के कारण आग को पास की अन्य बस्तियों और घाटों तक फैलने से रोक लिया गया।
राजघाट जैसे संवेदनशील और वीवीआईपी क्षेत्र में हुए इस हादसे ने सुरक्षा और फायर सेफ्टी के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
धार्मिक अनुष्ठान के बीच हुए इस हादसे से श्रद्धालु और स्थानीय निवासी गहरे सदमे में हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।
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