आंगनबाड़ी केंद्र पर मिली अनियमितताएं, कार्यकर्ता की सेवाएं समाप्त: दूध का स्टॉक ज्यादा, फिर भी 3 से 6 साल के बच्चों को नहीं बांटा था
महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर ने आंगनबाड़ी केंद्र सिंघाड़ा (सेक्टर-सायरा) की एक कार्यकर्ता की सेवाएं खत्म कर दी है। पिछले दिनों इस केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया था। तब सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितताएं मिली थी।
इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती मंजू नंगारची की मानदेय सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग की ओर से कार्यकर्ता को 18 फरवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण न देने पर पुनः स्मरण पत्र भेजा था। उसके बाद अब सेवा से हटाया गया है।
बता दें कि गोगुंदा एसडीएम शुभम भैसारे, सायरा तहसीलदार सुरेश मेहता ने 15 जनवरी को और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) ने 16 फरवरी को इस केंद्र का निरीक्षण किया था।
- निरीक्षण में मिली थी कई अनियमितताएं
निरीक्षण में सामने आया कि आंगनवाड़ी केंद्र के समस्त सरकारी रिकॉर्ड का संधारण नहीं किया गया है, जो विभागीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। साथ ही केंद्र पर दूध का स्टॉक जरूरत से ज्यादा पाया गया, जिससे यह माना गया कि 3 से 6 साल के बच्चों को नियमित रूप से दूध का वितरण नहीं किया जा रहा था।
मौके पर स्टॉक रजिस्टर और अन्य आवश्यक दस्तावेज अद्यतन नहीं पाए गए। केंद्र पर पोषण ट्रैकर रिपोर्ट, पीएमएमवीवाई योजना और लाभार्थियों के आधार सत्यापन का कार्य भी असंतोषजनक पाया गया। निरीक्षण में केन्द्र पर साफ सफाई नहीं थी और वहां गंदगी फैली हुई थी।