सन्त दर्शन करने वाला व्यक्ति भाग्यशाली -बालकदास
हलैना (विष्णु मित्तल), श्री गुरूमाया भक्त मण्डल एवं सिद्व पुरूष स्वर्गीय रगंली भगत जी महाराज के शिष्यों के द्वारा गांव टुण्डपुरा स्थित श्री गुरूमाया आश्रम पर राष्ट्रीय सन्त बालकदास महाराज, साधू बाबा एवं परसराम भगत के सानिध्यं में सन्त समागम, रामायण पाठ, श्री दुर्गा महायज्ञ एवं भण्डारा का आयोजक हुआ, जिसमें भारी सख्यां में सन्त समाज एवं श्रद्वालुं शामिल हुए और यज्ञ की पूर्णाहुति देकर सन्तों के प्रवचन सुने साथ भण्डारें की प्रसादी ग्रहण कर विश्वशान्ति, देश, समाज, मानव, मूकबधिर प्रणियों की सेवा, गौवंश रक्षा व प्रकृति संरक्षण आदि का सकल्प लिया। सन्त बालकदास महाराज ने कहा कि सन्त दर्शन भाग्यशाली व्यक्ति के नसीब में प्राप्त होते है, जो सन्त दर्शन करता है, वह बडा भाग्यशाली होता है और ऐसे व्यक्ति से प्रभू हमेशा प्रसन्न रहते है। हमे सन्तों के दर्शन कर उनके बताए मार्ग पर चल कर सनातन धर्म, प्रभू का गुणागान, देशभक्ति, समाज व मानव सेवा अवश्य करनी चाहिए।
सन्त साधू बाबा, परसराम भगत, सन्तोष बाबा, पण्डा बाबा आश्रम के सेवक , अमर सिंह सिरस, सुभाष मीणा, घनश्याम, हरसहाय मीणा, दिनेश पण्डित आदि ने आदि ने प्रचवन किए। आश्रम के भगत परसराम बाबा एवं मास्टर भगवान सहाय ने बताया कि श्री गुरूमाया आश्रम पर सन्त बालकदास महाराज एवं साधू बाबा के सानिध्यं में सिद्व पुरूष स्वर्गीय रंगली जी भगत महाराज के द्वारा वर्ष 1957 से प्रारम्भ कि सन्त समागम, यज्ञ एवं भण्डारे के तहत 19 मार्च से 28 मार्च तक रामायण पाठ, श्री दुर्गा व श्रीराम यज्ञ, सन्त दर्शन, कीर्तन आदि कार्यक्रम हुए, जिसमें मथुरा, वृन्दावन, गोर्वधन, पुष्कर, काशी, कामवन, अयोध्या, उज्जेन, चित्रकूट आदि स्थान के भारी सख्यां सन्त समाज एवं श्रद्वालुं आए, साथ ही आश्रम के निवटवर्ती 25 गांवों सहित भरतपुर, दौसा, जयपुर, अलवर, करौली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, डीग आदि जिले के आश्रम से जुडे भक्त तथा ग्रामीणों ने भाग लिया।