वैर में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
वैर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) उपखंड वैर में इन दिनों जबरदस्त ठंड और घना कोहरा छाया हुआ है। अत्यधिक सर्दी के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि बाजार भी काफी देर तक ही खुल पा रहे हैं। सुबह के समय ठिठुरन और कोहरे के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे आमजन की दिनचर्या पर सीधा असर दिखाई दे रहा है।
बाजार में दुकानदारों ने ठंड से बचाव के लिए नगरपालिका से अलाव जलाने हेतु लकड़ियों की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि हर वर्ष नगरपालिका ठंड के नाम पर लाखों रुपये खर्च करती रही है। लेकिन इस बार अब तक बाजार एवं चौराहों पर अलाव के लिए लकड़ियों की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ नजर आ रहा है। सर्दी बढ़ने से जुकाम, खांसी, बुखार और पेट दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
वहीं ठंड से बचाव के लिए लोग इस मौसम में गुड़ से बनी गजक, तिल के लड्डू, गर्म चाय और सूप का सेवन कर रहे हैं। सर्दी के कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन भी धीमी गति से चल रहे हैं। दिन के समय वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। बाजार में दुकानदार खाली कागजी डिब्बे, खाली सामान के कार्टून इत्यादि जलाकर ठंड से निजात पाने का प्रयत्न करते नजर आए। कुल मिलाकर वैर क्षेत्र में ठंड और कोहरे ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोग प्रशासन से जल्द राहत के इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं, ताकि इस कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल सके।