जिला बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण कमेटी की बैठक; बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित लेबों एवं अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) अतिरिक्त कलक्टर घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय बायोमेडिकल वेस्ट निस्तरण एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक का आयोजित की गई। इसमें क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट तथा जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण एवं बायो मेडिकल वेस्ट रूल्स 2016 की अनुपालना के बारे में चर्चा की गई। इसके साथ ही सीएमएचओ को जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित प्राईवेट अस्पतालों एवं लेबों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. असित श्रीवास्तव, अरविन्द भारद्वाज, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राकेश सोलंकी, जिला आरबीएम अस्पताल से डॉ. प्रणव गुप्ता, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अतिरिक्त कलक्टर ने कहा कि जो प्राइवेट अस्पताल एवं प्राइवेट लैब क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रहे है उनको नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल एवं लैब से उत्पन्न हुए बायोमेडिकल वेस्ट को नियमानुसार सीटीएफ कनेक्टिविटी के तहत निस्तारण करना ही होगा।
क्या है बायो-मेडिकल वेस्ट
बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट (जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन) का मतलब अस्पतालों, क्लीनिकों और रिसर्च सेंटरों से निकलने वाले संक्रमित और खतरनाक कचरे (जैसे सुई, पट्टियां, खून, शरीर के अंग) को सुरक्षित रूप से इकट्ठा करना, अलग करना, उपचार करना और निपटाना है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके। इसमें रंग-कोडित बैग और डिब्बे (पीला, लाल, नीला, सफेद, काला) इस्तेमाल होते हैं, जो कचरे को उसके प्रकार (संक्रमित, प्लास्टिक, नुकीली चीज़ें) के अनुसार अलग करते हैं, और फिर उन्हें ऑटोक्लेव, भस्मीकरण या माइक्रोवेव जैसी तकनीकों से सुरक्षित बनाते हैं।
अस्पताल एवं लैब के लिए आवश्यक है पोल्यूशन कंट्रोल का सर्टिफिकेट
पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधि ने बताया कि किसी भी अस्पताल एवं लैब के लिए पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड का सर्टिफिकेट आवश्यक है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ बायोमेडिकल वेस्ट एग्रीमेंट के साथ साथ 30 बेड के ऊपर हॉस्पिटल के लिए एसटीपी प्लांट की आवश्यकता होती है। सीएमएचओ डॉ. असित श्रीवास्तव ने बताया कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए बायो मेडिकल वेस्ट एग्रीमेंट, पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड का सर्टिफिकेट, फायर एनओसी के साथ साथ स्टाफ के आवश्यक दस्तावेज आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के नोटिस के बाद अवैध रूप से संचालित अस्पताल एवं लैबों पर कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

