मेंटिनेंस के नाम पर लगा जाम, आमजन होता रहा परेशान; जाम में फंसे रहे वाहन, व्यापार पर भी असर
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले रेलवे फाटक संख्या 93 पर शनिवार को मेंटिनेंस कार्य शहरवासियों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गया। सुबह से ही रेलवे फाटक बंद कर दिया गया, जो करीब नौ घंटे तक नहीं खुल सका। इस दौरान पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
रेलवे फाटक बंद होने के साथ ही शहर के दोनों छोर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। ऐसे में वाहनों को अंडरपास की ओर मोड़ा गया, लेकिन कुछ ही देर में वहां वाहनों का दबाव बढ़ गया। स्थिति यह रही कि अंडरपास में कई बार वाहन फंस गए और दोनों ओर से यातायात ठहर सा गया। दोपहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा, कारें और छोटे व्यावसायिक वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे। जाम का असर केवल अंडरपास तकसीमित नहीं रहा, बल्कि किशनगढ़बास रोड, मातोर रोड, हरसौली रोड सहित शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार पैदल चलने वालों से भी धीमी हो गई। सर्द मौसम में खुले में फंसे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तकनीकी खामी से लगा अधिक समय
रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर मौजूद रही और रेलवे लाइन की मरम्मत का कार्य करती रही, लेकिन तकनीकी खामियों और उपकरणों की समस्या के कारण कार्य निर्धारित समय से काफी अधिक खिंच गया। इसके चलते फाटक दिनभर बंद रहा। इस दौरान न तो रेलवे और न ही प्रशासन की ओर से कोई पूर्व सूचना या वैकल्पिक यातायात योजना प्रभावी रूप से लागू हो सकी। यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी वाहनों को फाटक संख्या 91 बायपास की ओर मोड़ा, जबकि छोटे वाहनों को अंडरपास से निकालने का प्रयास किया गया। ऐसे में कई वाहन चालक घंटों तक जाम में फंसे रहे। इसको लेकर शहरवासियों में आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने रेलवे और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के सबसे व्यस्त रेलवे फाटक पर दिन के समय मेंटिनेंस कार्य कराना अव्यवहारिक निर्णय है।