हीरवाना गौशाला में मायरो कथा में सुनाया नरसी भक्त द्वारा भात भरने की तैयारी का प्रसंग
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) क्षेत्र की प्रसिद्ध श्री कृष्ण गौशाला एवं नंदीशाला संस्थान चंवरा हीरवाना में मकर संक्रान्ति के अवसर पर बामलास धाम के महंत लक्ष्मण दास महाराज के सानिध्य में चल रही नानी बाई रो मायरो कथा में कथावाचक आचार्य विपुल शास्त्री ने नरसी भक्त द्वारा ज्ञानदास और सूरदास को साथ लेकर नानी बाई के मायरा भरने की तैयारी करने का प्रसंग सुनाया। कथावाचक ने कहा कि नरसी भक्त ने भगवान के नाम पर 56 करोड़ की माया लुटा दी थी। इसके बाद उनके पास कुछ भी नहीं बचा था। ऐसे में भात भरने के लिए उनके पास फूटी कोडी भी नहीं थी। भक्त नरसी भगवान से करुण पुकार कर राग केदारी गाते हैं और भगवान को बुलाते हैं। नरसी के बुलाने पर भगवान स्वयं किशना खाती का रुप धारण कर आते हैं तथा भक्त नरसी को ढांढस बंधाते हैं और अंजार नगर में मायरा भरने की तैयारी करते हैं। बीच-बीच में भजनों की रंगारंग प्रस्तुतियों से श्रोता झूम उठे। आज कथा में नानी बाई के मायरा भरा जाएगा और इसी के साथ कथा का समापन भी होगा। मकर संक्रांति के दिन आसपास के काफी गांवों के लोग गौशाला में गौ माता के लिए अपनी इच्छा अनुसार दान दक्षिणा देते हैं। इस दौरान रघुनाथ दास महाराज, मोहनदास महाराज, नंदीशाला अध्यक्ष सुरेश मीणा किशोरपुरा, गौशाला अध्यक्ष शीशराम खटाणा, कोषाध्यक्ष बनवारीलाल जांगिड़, राजस्थान परिवहन निगम झुंझुनूं आगार मुख्य प्रबंधक गिरिराज स्वामी, राजेन्द्र दोराता, रामपाल रावत, गजराज सिंह शेखावत, कैलाश चंद्र सहल, जगमोहन शर्मा, शेरसिंह खटाणा, बुद्धि प्रकाश सोनी, बाबूलाल शर्मा, रामकरण रावत, महावीर रावत, गिरधारी रावत, भाताराम रावत, मुकेश दाधीच, जयकिशन शर्मा, प्रहलाद बराला, चोथमल जांगिड़ सहित काफी संख्या में भक्त श्रद्धालु मौजूद रहे।