पेयजल संकट को लेकर फूटा युवाओं का गुस्सा, चंबल परियोजना का पानी न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
डीग (सुभाष वर्मा) डीग जिले के ग्राम पंचायत उवार में चंबल परियोजना का पानी ग्रामीणों तक न पहुँचने के कारण स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। शुक्रवार को गाँव के युवाओं ने एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। युवा नेता राहुल उवार ने विरोध जताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत उवार में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सत्र 2012-13 में पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। विडंबना यह है कि 10 साल बीत जाने के बाद भी उस टंकी में आज तक चंबल का पानी नहीं पहुँचा है। गाँव की महिलाओं को आज भी कुओं से पानी भरकर लाना पड़ता है, जिससे उनका दैनिक जीवन दूभर हो गया है।
- 6 महीने चलने के बाद RO हुआ बंद
उवार गांव निवासी राहुल सिंह ने बताया- उवार गांव के साथ आसपास के गांव के लोग भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में सरकार के द्बारा RO लगाया गया था। यह 6 महीने चलने के बाद बंद हो गया। गांव में चंबल के पानी की सप्लाई नहीं है। गांव की महिलाएं अब भी कुएं से पानी लेकर आती हैं। उन्हें पानी के लिए दूर के इलाकों में जाना पड़ता है।
राहुल उवार ने बताया कि पेयजल की यह किल्लत केवल उवार तक सीमित नहीं है। जब वे क्षेत्र के अन्य गाँवों जैसे रारह, सातरूक, अजान, गुनसारा, ताखा और सोगर का दौरा करते हैं, तो वहां भी लोग इसी तरह की मूलभूत समस्याओं और प्रशासनिक अनदेखी से जूझ रहे हैं।
ग्रामीण छोटू उवार और लोकेंद्र उवार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द चंबल का पानी गाँव तक नहीं पहुँचाया गया, तो क्षेत्र के सभी युवा मिलकर उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब और अधिक इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हेमराज उवार, भागीरथ लुधवाड़ा, चैंटा गुरुजी, बंटी लुधवाड़ा, श्यामू, महावीर, रबी, राकेश, कल्याणी, सुशील, दीपक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा उपस्थित रहे।