ऐतिहासिक बावड़ी का जीर्णोद्धार कराने की मांग
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) अलवर-सिकन्दरा मेगा हाईवे स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक विरासत प्राचीन बावड़ी प्रशासन की अनदेखी के चलते जर्जर अवस्था मेें पहुंच गई है। स्थानीय ग्रामीण सुभाष व प्रहलाद मीना ने ने बावड़ी का जीर्णोद्वार कराए जाने की राज्य सरकार से पुरजोर मांग की है। राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत फिरोजपुर जागीर के बावड़ी गांव में करीब तीन सौ वर्ष पहले अलवर के दीवान सांवलराम ने ऐतिहासिक बावड़ी का निर्माण कराया था। बावड़ी के नाम से ही गांव का नाम बावड़ी रखा गया। बावड़ी के अन्दर एक शिव मन्दिर बना हुआ था। जिसे चोरों ने खण्डित कर दिया। बुजुर्गों का कहना हैं इस बावड़ी के निर्माण के समय हनुमान जी की मूर्ति निकली थी। जिसे बावड़ी के बाहर मुख्य द्वार के पास मन्दिर बनाकर स्थापित किया गया था। बावड़ी के अंदर एक कुआँ तथा करीब चार दर्जन दरवाजे बने हुए हैं।
बावड़ी व आसपास के क्षेत्रो के लोग स्नान करने तैरने आते थे तथा पानी भरने के लिए महिलाओं की भीड़ लग जाती थी। करीब 40 वर्ष पूर्व भूजल स्तर नीचे चले जाने के कारण बावड़ी का पानी सूख गया। समय के साथ ही बावड़ी की देखरेख नहीं होने के कारण जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। बुजुर्ग बताते हैं सन् 1995 में तेज बारिश का पानी पहाड़ों से गांव में होकर बावड़ी में आ गया। पानी के साथ मिट्टी भी बावड़ी में जाकर जमा हो गई। उसी के बाद से बावड़ी के दिन बुरे शुरू हो गए। बावड़ी के अंदर जगह-जगह रेत जमा होने के साथ ही जगह-जगह से टूटने शुरू हो गई। प्रहलाद मीना, सुभाष मीना सहित अनेक ग्रामीणों का यह भी कहना हैं यह विशालकाय बावड़ी अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रही हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से बावड़ी गांव की ऐतिहासिक बावड़ी का जीर्णोद्वार कराकर ऐतिहासिक विरासत को बचाये जाने की मांग की है।