10 महीने से लापता प्रहलाद को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश, IG ऑफिस जाते समय ट्रैफिक चौराहे पर रोका, बारिश में बीच सड़क पर धरना
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भरतपुर जिले के वैर इलाके के ग्रामीण 10 महीने से लापता युवक प्रहलाद के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ परिजन और ग्रामीण और भीम आर्मी के कार्यकर्ता आज भरतपुर स्थित आईजी कार्यालय पर धरना देने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उन्हें शहर के ट्रैफिक चौराहे पर ही रोक लिया। इसके बाद ग्रामीण बीच सड़क पर ही बैठ गए। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई, जिसके बावजूद ग्रामीण और परिजन बारिश में ही धरने पर बैठे रहे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके गांव के ही कुछ लोगों ने करीब 10 महीने पहले प्रहलाद का अपहरण कर लिया था। इस संबंध में वैर थाने में FIR दर्ज करवाई गई थी, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रहलाद का कोई सुराग नहीं लगा पाई है।
प्रहलाद की पत्नी पूनम बैरवा, निवासी नगला हरिहर गांव ने बताया कि करीब 4 साल पहले उनके पति प्रहलाद (37) ने गांव के ही धर्मेंद्र धाकड़ और राजेश कुमार गर्ग को उधार पैसे दिए थे।
पूनम के अनुसार, राजेश कुमार गर्ग ने प्रहलाद से 15 लाख रुपये और धर्मेंद्र धाकड़ ने 4 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। लंबे समय से प्रहलाद दोनों से पैसे वापस मांग रहा था, लेकिन दोनों ही पैसे लौटाने से इनकार कर रहे थे।
पैसे नहीं मिलने पर करीब 2 साल पहले प्रहलाद ने धर्मेंद्र और राजेश के खिलाफ वैर थाने में धोखाधड़ी की FIR दर्ज करवाई थी। मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
परिजनों का आरोप है कि 26 मार्च को प्रहलाद मुकदमे की तारीख के चलते कोर्ट गया था, जहां से लौटते समय धर्मेंद्र और राजेश ने उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद से प्रहलाद का आज तक कोई पता नहीं चल पाया है।
प्रहलाद के परिजनों ने अपहरण की FIR वैर थाने में दर्ज करवाई थी। इसके बावजूद 10 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई। इससे पहले अप्रैल महीने में भी परिजनों ने वैर थाने के बाहर करीब 6 दिन तक धरना दिया था, जिसे पुलिस ने समझाइश कर समाप्त करवा दिया था।
- वैर पुलिस पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप
एक बार फिर न्याय की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण आईजी ऑफिस पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ट्रैफिक चौराहे पर ही रोक दिया। मौके पर पुलिस लगातार परिजनों से समझाइश करती रही।
परिजनों का आरोप है कि वैर पुलिस इस पूरे मामले में लापरवाही बरत रही है और आरोपी धर्मेंद्र व राजेश को संरक्षण दे रही है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और जल्द से जल्द प्रहलाद को बरामद करने की मांग की है। करीब 3 घंटे समझाइश के बाद पुलिस के अधिकारियों ने आईजी से मिलने को राजी हुए आईजी से मिलते हुए परिजनों ने दुबारा से जांच और एसआईटी का गठन एवं पुराने पुलिस अधिकारी जिनके पास पूर्व में जांच सौंपी गई थी उनको हटा कर नवीन सिरे से पुलिस अधिकारी इसकी जांच करेंगे जिससे कि पहलाद का पता लगाया जा सके।आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया