सीताराम गुप्ता ने राजस्थान बजट को बताया दूरदर्शी, भरतपुर–डीग क्षेत्र की सड़क परियोजनाओं व स्किलिंग संस्थानों की रखी मांग
भरतपुर (विष्णु मित्तल) राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026–27 को लेकर भरतपुर–डीग क्षेत्र में उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। क्षेत्र के सामाजिक एवं अवसंरचनात्मक विकास के लिए निरंतर सक्रिय निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री, राजस्थान को पत्र लिखकर बृज क्षेत्र के विकास हेतु की गई घोषणाओं पर हार्दिक आभार व्यक्त किया है।उन्होंने बृज कन्वेंशन सेंटर की स्थापना, भरतपुर को एजुकेशन हब विकसित करने, तथा भरतपुर–डीग एयरपोर्ट के लिए संभाव्यता अध्ययन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये प्रावधान क्षेत्र की आगामी आर्थिक प्रगति, पर्यटन विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं निवेश संभावनाओं को नई दिशा देंगे। इनसे भरतपुर–डीग क्षेत्र का समग्र विकास गति पकड़ सकेगा।सप्लीमेंट्री बजट में सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता से शामिल करने का आग्रह : निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सप्लीमेंट्री बजट प्रावधानों में निम्न अत्यावश्यक सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जाए। भरतपुर–मथुरा फोरलेन सड़क: जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नोएडा व दिल्ली NCR से तेज और सुरक्षित संपर्क स्थापित होगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और लॉजिस्टिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।भरतपुर–बहरोड़ फोरलेन सड़क: यह मार्ग किशनगढ़ हाईवे से ब्रज क्षेत्र का सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करेगा तथा खाटू श्यामजी एवं सालासर बालाजी जैसे धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे बड़े पैमाने पर धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।डीग–पहाड़ी से ग्रीन एक्सप्रेसवे तक फोरलेन मार्ग: इस मार्ग से डीग की दिल्ली से दूरी लगभग 1.5 घंटे रह जाएगी, जिससे होटल उद्योग, पर्यटन, शिक्षा व सेवा क्षेत्रों में बड़े निवेश के अवसर खुलेंगे और डीग–कामां क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आएगी।
कामां–जुरहरा–होडल फोरलेन सड़क: मेवात क्षेत्र के औद्योगिक, सामाजिक एवं रोजगार आधारित विकास को गति मिलेगी और हरियाणा–राजस्थान सीमा क्षेत्र के व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।बाढ़ नियंत्रण एवं जल प्रबंधन पर जोर : भरतपुर को बार-बार होने वाली शहरी बाढ़ से सुरक्षित रखने हेतु उन्होंने— पांचना डैम समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन, तथा गंभीर नदी के जल प्रवाह को बाणगंगा तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे शहर को दीर्घकालिक बाढ़ सुरक्षा मिलेगी और क्षेत्र में जल उपलब्धता भी बेहतर होगी। स्किलिंग संस्थानों की स्थापना की मांग: निदेशक गुप्ता ने कहा कि—पूर्व में स्वीकृत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किलिंग (आईआईएस) हेतु शीघ्र भूमि आवंटन किया जाए। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देने हेतु इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किलिंग की स्थापना की जाए। इसके माध्यम से जापान सहित विभिन्न देशों में रोजगार मांग के अनुरूप उन्नत कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।भरतपुर को पर्यटन जिला घोषित करने की आवश्यकता: गुप्ता ने मुख्यमंत्री से भरतपुर को “पर्यटन जिला” घोषित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यहाँ केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (यूनेस्को विश्व धरोहर), लोहागढ़ किला, डीग महल जैसी अनूठी धरोहरें, तथा आगरा–मथुरा– फतेहपुर सीकरी के मध्य ब्रज पर्यटन त्रिकोण का केंद्रीय स्थान इसे विशिष्ट बनाता है। पर्यटन जिला घोषित होने से रोजगार, पर्यटन विकास, निजी निवेश और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।समग्र विकास का मजबूत आधार: उन्होंने कहा कि यदि ये सभी प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं तो—भरतपुर–डीग क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, पर्यटन व धार्मिक यात्राएँ तेज होंगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे, और क्षेत्र की अवसंरचना मजबूत होकर नई पहचान देगी।इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से मुख्यमंत्री के विकसित राजस्थान के संकल्प को मजबूती मिलेगी और ब्रज क्षेत्र राज्य की विकास यात्रा में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।