7 वर्षीय नन्ही अलीजा ने रखा अपना पहला रोजा, परिवार में खुशी का माहौल
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। रमजान के मुकद्दस महीने में इबादत और सब्र की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। स्थानीय निवासी आबिद अली की सुपुत्री और हाजी जाहिद अहमद (चना वाला) की पोत्री, मात्र 7 वर्षीय अलीजा ने शुक्रवार को अपना पहला रोजा रखकर खुदा की इबादत की। इतनी कम उम्र में चिलचिलाती गर्मी और लंबे समय के रोजे के बावजूद, अलीजा के चेहरे पर थकान के बजाय एक अलग ही रौनक और उत्साह देखने को मिला। अलीजा के पहले रोजे को लेकर परिवार में सुबह से ही काफी उत्साह था। सहरी के वक्त से ही बच्ची को विशेष रूप से तैयार किया गया। दादा हाजी जाहिद अहमद ने बताया कि अलीजा काफी समय से रोजा रखने की जिद कर रही थी, और शुक्रवार के मुबारक दिन उसने अपनी इस दिली इच्छा को पूरा किया। शाम को इफ्तार के समय अलीजा को फूलों के हार पहनाए गए और परिजनों व रिश्तेदारों ने उसे तोहफे देकर उसकी हौसला अफजाई की। इफ्तार की दस्तरखान पर अलीजा के लिए उसकी पसंद के पकवान बनाए गए थे। मोहल्ले के बड़े-बुजुर्गों ने नन्ही अलीजा के उज्जवल भविष्य और अच्छी सेहत के लिए विशेष दुआएं मांगी।
बच्चों में बचपन से ही अपनी संस्कृति और इबादत के प्रति यह लगन देखना सुखद है। अलीजा ने जिस सब्र के साथ अपना पहला रोजा मुकम्मल किया, वह काबिल-ए-तारीफ है