ब्रहमर्षि मैथिल ब्राह्मण समाज का श्री मैथिल ब्राह्मण महासभा भारत में विलय, विशेष कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय
भीलवाड़ा, (बृजेश शर्मा) ब्रहमर्षि मैथिल ब्राह्मण समाज एवं अन्य मैथिल ब्राह्मण संगठनों का श्री मैथिल ब्राह्मण महासभा भारत में विलय करने का ऐतिहासिक निर्णय शनिवार को सुंदर नगर, अजमेर बाईपास स्थित जयपुर निवासी जितेंद्र कुमार मिश्रा के आवास पर आयोजित विशेष कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक का संचालन प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र झा एवं राष्ट्रीय संयोजक बी.एस. झा के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधानपूर्वक गणेश पूजन, वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जिसके बाद सभी पदाधिकारियों का परिचय कराया गया।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण विषय ब्रहमर्षि मैथिल ब्राह्मण समाज का महासभा में विलय रहा। राष्ट्रीय संयोजक बी.एस. झा तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा के साथ विस्तृत चर्चा के बाद राजस्थान इकाई ने पूर्ण सहमति देते हुए स्वयं को श्री मैथिल ब्राह्मण महासभा भारत में विलय करने की घोषणा की। इस दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में संगठन के प्रति अपनी आस्था व प्रतिबद्धता व्यक्त की। संयुक्त मैथिल ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
कार्यालयीन चर्चा के पश्चात कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार ने तिलक लगाकर, राजेश कुमार ने माल्यार्पण कर तथा एच.के. झा एवं जी.डी. पाराशर ने दुपट्टा पहनाकर सभी का स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।
डॉ. के.एम. मिश्रा और डॉ. एस.एन. शर्मा ने युवाओं को आगे लाने, परिवारों में संस्कारों को मजबूत करने एवं वैवाहिक व्यवस्था की चुनौतियों पर सुझाव दिए। वहीं देवकीनंदन ओझा, भगवान सहाय, भगवान दास, महेंद्र झा, मोहन ओझा और राजेश शर्मा ने समाज को एकजुट रहने, आपसी सहयोग बढ़ाने, विनम्र व्यवहार रखने और संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारने की अपील की।
प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चंद्र झा ने महासभा की संरचना, उद्देश्य एवं समाज के हर वर्ग को जोड़ने की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के बंधुओं को जोड़कर मजबूत संगठन खड़ा करना समय की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान विगत कार्यकारिणी कार्यों की समीक्षा, वित्तीय प्रबंधन तथा आगे की सामाजिक संरचना पर भी विस्तार से चर्चा की गई और सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। महिला वर्ग की ओर से डॉ. चारू शर्मा ने महिलाओं की शिक्षा, संस्कारों और सामाजिक भागीदारी पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ तथा उपस्थित सभी मैथिल विप्र बंधुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। अंत में योगिता मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।