हमारा लक्ष्य केवल रक्त उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में इसे एक 'संस्कार' बनाना है- खेमसिंह
भरतपुर (लेखेन्द्र सिंह बंशीवाल) इंसानियत और सेवा की भावना से ओतप्रोत होकर 'ब्लड हेल्प टीम राजस्थान' के सदस्य एक बार फिर किसी के जीवन में उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। टीम के सक्रिय सदस्य खेमसिंह ने त्वरित निर्णय लेते हुए एक जरूरतमंद बुजुर्ग महिला मिथलेश के ऑपरेशन हेतु स्वेच्छिक रक्तदान कर जीवनदान दिया।
- अस्पताल में रक्त की कमी बनी चुनौती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिथलेश नामक महिला को ऑपरेशन के लिए 'B पॉजिटिव' (B+) रक्त की एक यूनिट की अत्यंत आवश्यकता थी। सूचना मिलते ही देवरी निवासी और टीम के निष्ठावान सदस्य खेमसिंह तुरंत मदद के लिए आगे आए। वे टीम के पूर्व सचिव दीपेश कुमार (उच्चेन) के साथ आरबीएम (RBM) अस्पताल भरतपुर की ब्लड बैंक पहुंचे, लेकिन वहां वांछित ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं था।
- चौथी बार किया रक्तदान
बिना समय गंवाए, खेमसिंह और दीपेश कुमार लोहागढ़ ब्लड बैंक पहुंचे, जहाँ खेमसिंह ने अपना चौथा (4th) स्वेच्छिक रक्तदान पूर्ण किया। उनके इस समर्पण से न केवल महिला का ऑपरेशन समय पर संभव हो सका, बल्कि समाज में युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा भी पेश की।
- संस्थापक का संदेश
ब्लड हेल्प टीम राजस्थान के संस्थापक प्रमोद कुमार ने इस सराहनीय कार्य पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि, "हमारी टीम का मुख्य लक्ष्य हर जरूरतमंद तक बिना किसी भेदभाव के समय पर रक्त पहुँचाना है। रक्तदान सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी को दी गई नई सांसें हैं। हम चाहते हैं कि रक्तदान समाज का एक संस्कार बने।"
- टीम की अपील
ब्लड हेल्प टीम राजस्थान ने आमजन से अपील की है कि "इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और सेवा से बड़ा कोई कर्म नहीं।" हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि आपका दिया हुआ रक्त किसी के लिए नया जीवन हो सकता है।