कठूमर में भगवान महावीर के जन्म कल्याणक पर निकली भव्य शोभायात्रा, जैन मंदिरो मे हुआ श्री जी का अभिषेक
कठूमर (दिनेश लेखी) कस्बे में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर रविवार को पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भव्य आयोजन किए गए।
इस अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा ने पूरे कस्बे को धर्ममय वातावरण में सराबोर कर दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर की आरती उतारी और जयकारों से माहौल गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें जैन समाज के श्रद्धालुओं ने हाथों में धर्म ध्वज लेकर पूरे कस्बे में भ्रमण किया।
प्रभात फेरी के दौरान भगवान महावीर के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और अनेकांतवाद—का प्रचार-प्रसार किया गया।
समाज के अध्यक्ष मुकेश सौख एवं मंत्री नरेश बैनाड़ा ने बताया कि इस दिन को विशेष रूप से आत्मशुद्धि और धर्म साधना के रूप में मनाया गया। इसके पश्चात कस्बे के जैन मंदिरों में शांतिधारा, अभिषेक, पूजन एवं आराधना के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। एवं श्रीजी की माल की बोली शीतल कुमार सोनू कुमार जैन ने लेकर पुण्य लाभ लिया। भक्तों ने भगवान महावीर के चरणों में जलाभिषेक कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। शाम करीब चार बजे आदिनाथ जैन मंदिर से रजत पालकी में भगवान महावीर की प्रतिमा को सुसज्जित कर बैंड-बाजों के साथ भव्य शोभायात्रा प्रारंभ की गई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं, वहीं युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया यह शोभायात्रा कस्बे के मुख्य बाजार, अहिंसा सर्किल, अंबेडकर पार्क सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई पारसनाथ जैन मंदिर पहुंची। रास्ते में विभिन्न स्थानो पर भगवान की पालकी की आरती उतारी गई। पारसनाथ जैन मंदिर पहुंचने पर जयकारों के बीच भगवान का विधिवत अभिषेक एवं पूजन किया गया। इसके पश्चात पुनः आदिनाथ जैन मंदिर में कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां महिलाओं एवं बालिकाओं द्वारा भगवान महावीर के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में समाज के वरिष्ठजनों ने भगवान महावीर के संदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया और समाज में अहिंसा, सद्भाव एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की बात कही।
इस अवसर पर अमोलकचंद जैन, अनिल बैनाड़ा, विजयपाल जैन, स्वरूप जैन, बंसीराम जैन, सुरेश जैन (अध्यापक), संजय जैन, देवेंद्र जैन, लोकेश जैन, सोनेश जैन, अशोक जैन, आशीष जैन, प्रवीण जैन, डब्बू जैन, राहुल जैन, विमल जैन, सुधीर जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।