ईरान-अमेरिका तनाव और पीएम के बयान का असर: 3 दिन में 250 रुपए उछले सरसों के दाम, खल भी 300 रुपए महंगी!
खैरथल (हीरालाल भूरानी) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद सरसों बाजार में एक बार फिर तेजी लौट आई है। खैरथल अनाज मंडी में पिछले तीन दिनों के दौरान सरसों के भाव में 250 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक का उछाल दर्ज किया गया है।
हालांकि सरसों तेल के भाव अब भी स्थिर बने हुए हैं। मंगलवार तक खैरथल मंडी में सरसों 6900 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बिक रही थी, लेकिन गुरुवार को भाव बढ़कर 7180 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। शाम तक भाव 7130 रुपए रह गए। वहीं शुक्रवार को सरसों 7150 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खुली और दिनभर स्थिर बनी रही।
गुरुवार को 15 हजार कट्टे, शुक्रवार को 10 हजार कट्टों की आवक खैरथल मंडी में गुरुवार को सरसों की 15,250 कट्टों की आवक दर्ज की गई, जबकि शुक्रवार को आवक घटकर 10,200 कट्टों पर पहुंच गई। व्यापारियों का मानना है कि भाव बढ़ने के साथ किसान भी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। व्यापारी अशोक डाटा और सीताराम खंडेलवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात और राजनीतिक बयानों का सीधा असर सरसों बाजार पर दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि आगे भी बाजार में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सरसों खल के भाव में भी अच्छी तेजी देखने को मिली है। तीन दिन पहले तक सरसों खल 2900 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही थी, जो शुक्रवार को बढ़कर 3200 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गई। यानी खल में करीब 300 रुपए प्रति क्विंटल का उछाल आया है। इधर तेल बाजार में अभी स्थिरता बनी हुई है। तेल ब्रोकर मनीष जैन अलवर और तेल व्यवसायी प्रमोद सिंघानिया के अनुसार सरसों के भाव बढ़ने के बावजूद तेल की मांग कमजोर बनी हुई है। इसी कारण सरसों तेल के दाम में खास बढ़ोतरी नहीं हुई।
फिलहाल सरसों तेल का थोक भाव करीब 156 रुपए प्रति किलो चल रहा है, जबकि रिटेल बाजार में यह 175 से 177 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं सोया और पाम तेल के थोक भाव भी लगभग 156 रुपए प्रति किलो पर स्थिर बने हुए हैं। सरसों में तेजी के बीच गेहूं और चने के बाजार में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। व्यापारियों के अनुसार इन दोनों जिंसों के भाव सामान्य स्तर पर स्थिर बने हुए हैं।


