घर में दिखा अद्भुत जीवआदर्श विहार में सुरक्षित रेस्क्यु कर जंगल में छोड़ा
गुरला:-(बद्रीलाल माली) भीलवाड़ा के आदर्श विहार में राधेश्याम धाकड़ के घर के अंदर छत के ऊपर एक रूम बना हुआ है उस रूम में एक कब्र बिज्जू दिखा पहले उन्होंने निकालने की कोशिश की लेकिन वह नहीं निकला तो घर वाले ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को सूचना दी फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने वन्य-जीव रक्षक रेस्क्यू टीम से राजस्थान सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक नारायण लाल बैरवा को सूचना दी, ओर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से वनरक्षक रूपेंद्र सिंह पुरावत,वनरक्षक सोहनलाल ,और मनोहर लाल सालवी (चालक) राजस्थान सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक-नारायण लाल बैरवा आदर्श विहार में राधेश्याम धाकड़ के घर पर मौके पर पहुंचे रूम के अंदर जाकर देखा तो कब्र बिज्जू ताक में बैठा हुआ था,, कब्र बीजू का सुरक्षित तरीके से नारायण लाल बेरवा और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने मिलकर सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे आबादी क्षेत्र से काफी दूर फॉरेस्ट एरिया में सुरक्षित रिलीज कर दिया। बैरवा ने इसके बारे में कॉलोनी वालों को इस जीव के बारे में जानकारी दी। बैरवा ने बताया कि यह कब्र बिज्जू जिसे एशियाई पाम सिवेट या हनी बेजर से जोड़कर देखा जाता है, और मांसाहारी जंगली स्तनधारी जीव है। यह मुख्य रूप से छोटे जानवरों कीड़े सांप आदि को खाता है। शमशान के पास पाए जाने के कारण इसे कब्र खोदने वाला जीव माना जाता है, हालांकि यह एक शर्मिला डरपोक होता है और खतरा होने पर ही हमला करता है।
कब्र बिज्जू के बारे में प्रमुख तथ्य दिखावट-यह नेवले जैसा दिखता है इसके फर का रंग भूरा घुसर होता है जिस पर काले धब्बे होते हैं, आवास-यह नदियों के किनारे पुरानी इमारतें और गांव में पेड़ के खोखले तने या मांद में रहता है l व्यवहार- यह रात में सक्रिय निशाचर होता है और रात में डरावनी आवाज भी निकलता है और शिकार भी रात को ही करता है भ्रांति-इस जीव के बारे में यह गलत धारणा है कि यह जीव इंसानों को मार कर खाता है लेकिन कुछ विशेष विशेषज्ञ के अनुसार यह मुख्य रूप से छोटे जीवों को खाता है और इंसानों से दूर नहीं पसंद करता है। विशेषता- बिल्ली के आकार का कबर बज्जू बेहद फुर्तीला होता है इसे एशियाई पाम सिवेट के नाम से भी जाना जाता है। इसके पंजे में बहुत ताकत होती हैं , जिससे यह जमीन खोदने में सक्षम होता है। यह जानवर भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक रूप से पाया जाता है। भारतीय सिवेट को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अधिसूचि-2 के तहत संरक्षित किया गया है, जिसके अनुसार इस जानवर को मारना या नुकसान पहुंचाना या पकड़ना अवैध है। यह भी विवरीडे परिवार का सदस्य है, जिसमें सिवेट और मंगूस की अन्य प्रजातियां भी शामिल है। इसका वैज्ञानिक नाम-पैराडोक्सुरास हार्मोप्रोफ्रोंडीटस । पाम सिवेट की विशेषताएं यह है कि इसका शरीर लंबा और पतला होता है पैर छोटे होते हैं और थूथन नुकीला होता है। बैरवा ने आम जनता से अपील की अगर आपके घर में किसी भी प्रकार का जीव आ जाता है तो आप उसे मारे नहीं तुरंत फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को सूचना दे।

