बच्चों में प्रथम 6 वर्षों में होता है मस्तिष्क का अधिकतम विकास; पोषण पखवाड़े के तहत कुम्हेर में कार्यक्रम आयोजित
कुम्हेर (विष्णु मित्तल) महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत दूसरे दिन बाल विकास परियोजना कुम्हेर द्वारा “जीवन के प्रथम 6 वर्षों में अधिकतम मस्तिष्क विकास” थीम पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पोषण एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही। रैली के माध्यम से अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि बच्चे के जीवन के पहले 6 वर्ष उसके मस्तिष्क के सर्वाधिक विकास का महत्वपूर्ण काल होते हैं। अतः इस अवधि में उचित पोषण, समुचित देखभाल एवं उत्तेजनात्मक वातावरण अत्यंत आवश्यक है।
इसके पश्चात आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार तथा बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास में परिवार एवं समुदाय की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए सीडीपीओ कुम्हेर महेन्द्र अवस्थी ने बताया कि प्रारंभिक वर्षों में सही पोषण एवं देखभाल से बच्चों की सीखने की क्षमता, स्मरण शक्ति एवं समग्र व्यक्तित्व विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर अभिभावकों को इस विषय में जागरूक करें।
बाल विकास परियोजना कुम्हेर द्वारा आगामी दिनों में भी इस थीम पर आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।
इस अवसर पर लेखाकार अनिल गर्ग, महिला पर्यवेक्षक मिथलेश शर्मा, सीमा शर्मा, कनिष्ठ सहायक मेघा गर्ग सहित अनेक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।

