भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) धर्मनगरी भीलवाड़ा की धरा पर रविवार को प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भण्डारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से श्री शिव महापुराण कथा सुनने के लिए लाखों शिवभक्तों का अथाह सैलाब उमड़ा तो भक्ति का नया इतिहास रच गया। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य एवं श्री शिव महापुराण कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक कोठारी के नेतृत्व में आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउण्ड में हो रही कथा में पांचवे दिन भक्तों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि देखने वाले हर शख्स की जुबां पर यही बात थी कि भीलवाड़ा की धरा पर ऐसा नजारा पहले कभी नहीं दिखा। कथा पांडाल के अंदर ओर बाहर जहां तक नजर पहुंचती केवल भक्ति व श्रद्धा से ओतप्रोत शिव भक्त ही नजर आ रहे थे। भक्ति के इस सैलाब के समक्ष तीन विशाल डोम व पाइप पांडाल युक्त साढ़े चार लाख वर्ग फीट का पांडाल छोटा पड़ गया ओर तीन अतिरिक्त टेंट पांडाल लगाने के बावजूद श्रद्धालुओं को बैठने की जगह मिलना मुश्किल हो रहा था। शिव भक्ति से ओतप्रोत श्रद्धालु प्रचण्ड गर्मी की परवाह किए बिना जहां जगह मिली वहीं बैठ श्रद्धाभाव से कथा श्रवण करते रहे। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के सैलाब को देखते हुए अतिरिक्त टेंट पांडाल में भी एलईडी स्क्रीन लगाने सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई। कथा के छठे दिन सोमवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। नियमित कथा समापन के बाद रात्रि में पांडाल में भक्त भजनों व गीतों के माध्यम से शिव आराधना करेंगे। सात दिवसीय आयोजन के अंतिम दिवस मंगलवार को सुबह 8 से 11 बजे तक कथा होगी। कथा में पांचवे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि शिव की कथा सुनने का वहीं हकदार है जिसके दिल ओर चित्त में शिव समाया है। अमरनाथ,केदारनाथ जाने से पहले घर के पास जो शिव का मंदिर है वहां एक लोटा जल चढ़ाना प्रारंभ कर दो। कोई शिवलिंग छोटा या बड़ा नहीे होता घर का शिवलिंग भी 12 ज्योर्तिंलिंग से कम नहीं है। जिसके गले में रूद्राक्ष, मस्तक पर भस्म ओर शिव को चढ़ा जल आमचन किया हो उसके दर्शन भी शिव के दर्शन है।
उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी भगवान की, उसके भक्त की ओर महाशिवपुराण की निंदा नहीं सुने जो ऐसा करता है वह सुखी नहीं रह सकता। सृष्टि के कण कण में शिव विराजमान है। कथा में जहां बैठे हो वहां की मिट्टी ओर कंकर में शिव दिख जाएंगे उनकी पूजा करो। महाराजश्री ने कहा कि भक्त बनना पर भगवान मत बनना हॉलाकि आजकल भगवान बनने की होड़ लगी है। थोड़ा तप ओर भजन करो ओर लोग भगवान की तरह पूजने लगते है। भक्त रहोंगे तो भगवान के भजन करते रहोंगे ओर जिस दिन स्वयं को भगवान मान लिया ओर दूसरे लोग तुम्हारे दर्शन करने लगे तो समझ लेना भगवान तुमसे दूर चला गया ओर वह तुम्हे नहीं मिल सकता। पंडित प्रदीप मिश्रा ने भीलवाड़ावासियों की भक्ति भावना की सराहना करते हुए कहा कि आज लाखों की संख्या में भक्तगण आए है ओर कल कथा की शिवरात्रि होने से इससे भी अधिक श्रद्धालु कथा पांडाल में आएंगे ओर रात में यहीं रहकर भक्ति करेंगे। भक्ति के बाद अंतिम दिन सुबह कथा सुन यहां की रज अपने माथे पर लगा घर चले जाएंगे। कथास्थल पर प्रातःकालीन पूजन एवं पौथी पूजन करने वाले जजमान में सुनील जागेटिया, दिनेश पेड़िवाल, सत्येन्द्र बिड़ला, लालाराम बारेठ, रामपाल गिरिराज असावा, जगदीश रामपाल शर्मा, हरीश काकानी, राधाकिशन सोमानी, श्याम चांडक, शिवजी बाल्दी, मनीष बहेड़िया, नंदकिशोर झंवर, कैलाश गुगड़, सत्यनारायण गुगड़, दिलीप गोयल, सत्यनारायण सेन, अमरसिंह राठौड़, शरद व्यास शामिल थे। पांचवें दिन कथा विश्राम पर व्यास पीठ की आरती करने वालों में पूर्व मंत्री धीरज गुर्जर, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, माण्डल विधायक उदयलाल भडाना, एसएन मोदानी, त्रिलोकचंद छाबड़ा आदि शामिल थे। अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक अशोक कोठारी ने किया। आभार आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने जताया। आयोजन समिति के संयोजक गजानंद बजाज ने बताया कि आयोजन को एतिहासिक सफल बनाने के लिए सैकड़ो कार्यकर्ता समर्पित भाव से सेवाएं प्रदान कर रहे है। कथा समिति के महासचिव पीयूष डाड ने बताया कि कथा पांडाल में उमड़ रहे श्रद्धालुओं के लिए छाया पानी सहित सभी जरूरी प्रबंध किए गए। कथा समिति की मंजू पोखरना पांडाल में महिला श्रद्धालुओं की व्यवस्था में तो अलका जोशी भोजन वितरण व्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभा रही है।
- कल होगा संतों का भण्डारा, आएंगे महामंडलेश्वर, महंत व संत
संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत संत बाबूगिरीजी महाराज के सानिध्य में हो रही श्री शिव महापुराण कथा के दौरान सोमवार 13 अप्रेल को महंतों एवं संतो ंके लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मां मंशादेवी मंदिर हरिद्धार के अध्यक्ष व श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा मायापुर हरिद्धार के सचिव महन्त रविन्द्रपुरी महाराज के सानिध्य में दोपहर 12 बजे से महंतो एवं संतो ंके लिए अग्रेसन भवन में विशाल भण्डारे का आयोजन होगा। भण्डारे में उज्जैन से महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज, देहरादून से महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद गिरी महाराज, रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा पीठ के जगतगुरू स्वामी रामदयाल महाराज, शक्करगढ़ से महामंडलेश्वर स्वामी जगदीशपुरी महाराज, श्रीनगर से महंत दीपेन्द्रगिरी महाराज, काशी से आचार्य संतोषदास महाराज, मुंबई से केशवपुरी महाराज, नोएडा से महंत शिववन महाराज, चित्तौड़गढ़ कालिका माता मंदिर के महंत रामनारायण भारती शामिल होंगे। पंच परमेश्वर पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा हरिद्धार से महन्त रामरतनगिरी महाराज, महंत दिनेशगिरी महाराज, महंत नीलकंठगिरी महाराज, महंत रामसेवकगिरी महाराज, महंत राजगिरी महाराज, महंत राकेशगिरी महाराज, महंत हरगोविन्दपुरी, महंत प्रकाशपुरी, महंत धनजंय भारती, आदि शामिल होंगे। संत महात्मा भण्डारे में शामिल होने के साथ कथा श्रवण भी करेंगे ओर भक्तों को दर्शन प्रदान करेंगे।
- जो दुःख में साथ खड़ा मिले उसे ही अपना समझे
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हम रिश्तेदारों को अपना मानते है पर शिव महापुराण कहती है जब दुःख की घड़ी आती है वह सबसे दूर नजर आते जिन्हें हम अपना मानते है। कचहरी के गेट,हॉस्पिटल का बेड़,दुःख में अपने गेट पर जो भी खड़ा मिले वहीं अपना है बाकी कोई अपना नहीं होता।
उन्होंने कहा कि तुम किसी रिश्तेदार या परिचित का कर्ज नहीं चुका सकते कोई बात नहीं पर उसके बच्चों की पढ़ाई व चिकित्सा में सहायता का प्रयास अवश्य करे। वह रिश्तेदार किसी काम के नहीं होते जो दुःख व परेशानी की घड़ी में पास नहीं होते।
- अब दया करो ओ भोलेनाथ’ भजन पर झुम उठे श्रद्धालु
कथा के दौरान मंच से अब दया करो ओ भोलेनाथ भजन गाया गया तो हजारों महिला श्रद्धालु अपने-अपने स्थानों पर खड़ा होकर झूमती रही। पांडाल के अंदर हो या बाहर हर तरफ भक्ति से ओतप्रोत श्रद्धालु ऐसे भजनों की रसगंगा में डूबे नजर आए। कथा के दौरान मंच से पंडित मिश्रा ने कुछ श्रद्धालुओं के पत्र पढ़े जिसमें बताया गया था कि उनकी समस्याओं का निदान किस तरह शिव भक्ति से हुआ। ऐसे श्रद्धालुओं को परिवार सहित मंच पर भी बुला पंडित मिश्रा ने अपने हाथों से बिल्व पत्र प्रदान किया। पांचवें दिन आरती के समय भगवान कुंडकेश्वर महादेव की सजीव झांकी आकर्षण का केन्द्र रही।