रगसपुरिया-बासड़ा मार्ग पर मौत का सफर: बदहाल सड़क और नहर किनारे सुरक्षा का अभाव, ग्रामीणों में भारी रोष
भीलवाडा (सत्यनारायण सेन) गुरला क्षेत्र के रगसपुरिया चौराहे से बासड़ा तक का सफर इन दिनों जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। रगसपुरिया, रायड़ा, सुन्दरपुरा चौराहे, राजपुरा चौराहा, बलाई खेड़ा और रामपुरिया होकर गुजरने वाला यह मुख्य मार्ग पूरी तरह खस्ताहाल हो चुका है। यह सड़क मार्ग बागोर व औझागर महादेव का प्रसिद्ध स्थल जुड़े हुए इस रुट पर सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं, जिससे आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल डगर
बासड़ा स्थित प्रसिद्ध देवनारायण मंदिर में हर शनिवार और रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगता है। व औझागर महादेव मंदिर का जाने के लिए यह रास्ता खस्ताहाल है देवनारायण व महादेव मंदिर जाने के लिए श्रद्धालु इसी मार्ग का चयन करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति उनके लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है।
मेजा फीडर नहर बनी बड़ा खतरा
रामपुरिया से बासड़ा के बीच लगभग एक किलोमीटर का हिस्सा मेजा फीडर नहर के बिल्कुल सटा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस खतरनाक मोड़ पर न तो कोई सुरक्षा दीवार (Retaining Wall) है और न ही लोहे के खंभे या रेलिंग लगाई गई है। जब नहर में पानी का प्रवाह होता है, तो खतरा और भी बढ़ जाता है। संकेतक बोर्ड (Signboards) न होने के कारण अनजान चालक अनियंत्रित होकर नहर में गिर सकते हैं।
झाड़ियों का अतिक्रमण और अंधा मोड़
सड़क के दोनों ओर उगी लैंटाना की झाड़ियां अब मुख्य मार्ग तक फैल गई हैं। इससे न केवल विजिबिलिटी कम हो रही है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों को इनसे टकराकर चोटिल होने का डर भी बना रहता है।
क्षेत्र के ग्रामीणों, देवनारायण मंदिर के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन व क्षेत्र के विधायक व सांसद,जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। कि वोट के समय बड़े बड़े वादे करते हैं पर धरातल पर कोई कार्य नहीं होता है उन्होंने मांग की है कि:
- सड़क का जल्द से जल्द नवनिर्माण कराया जाए।
- नहर के पास सुरक्षा दीवार और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
- सड़क किनारे उगी कटीली झाड़ियों की सफाई कराई जाए।
- ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा, तो यहां किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

