भीलवाड़ा स्टेशन पर अफरातफरी: देरी से पहुंची इंटरसिटी, चढ़ने-उतरने की होड सहित दो बड़े हादसे टले
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर उस समय हड़कंप मच गया, जब उदयपुर-जयपुर इंटरसिटी ट्रेन करीब 20 मिनट की देरी से पहुंची। ट्रेन के आते ही यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उतरने वालों की सुस्ती और चढ़ने वालों की जल्दबाजी के बीच हालात संघर्ष जैसे बन गए। कई यात्री अभी कोच में चढ़ ही रहे थे कि ट्रेन ने सीटी बजाकर गति पकड़ ली, जिससे कुछ लोग गिरते-गिरते बचे।
इस आपाधापी के दौरान दो गंभीर घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना कोच डी-1 में हुई, जहां एक महिला यात्री तो किसी तरह ट्रेन में चढ़ गई, लेकिन उसका बच्चा और अन्य परिजन भीड़ में नीचे ही रह गए। परिजनों के शोर मचाने पर एक युवक ने मानवता दिखाते हुए चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवा दी। हालांकि इससे परिवार सुरक्षित रूप से ट्रेन में चढ़ गया, लेकिन युवक के लिए यह मदद भारी पड़ गई। मौके पर पहुंचे ट्रेन गार्ड और आरपीएफ ने उसे हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित आपातकालीन कारण के चेन खींचना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार का पीछे छूट जाना आपातकालीन श्रेणी में नहीं आता, इसलिए युवक को पूछताछ और जुर्माने का सामना करना पड़ा।
दूसरी घटना में एक महिला यात्री का मोबाइल खिड़की से गिरकर पटरियों पर जा गिरा। मोबाइल उठाने के लिए एक परिजन चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर उतरने लगा, लेकिन मौके पर मौजूद जीआरपी स्टाफ और सतर्क यात्रियों ने उसे समय रहते रोक लिया। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया।
इन घटनाओं ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि रेलवे स्टेशन पर थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों से अपील की गई है कि चढ़ने-उतरने के दौरान संयम बरतें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।


