बुक-यूनिफॉर्म खरीद में मिलीभगत का मामला: तीन निजी स्कूलों को नोटिस
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) जिले के निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों और विद्यार्थियों को विशेष दुकानों से ही पाठ्यपुस्तकें एवं यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करने की शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने इस मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए तीन निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा) ने बताया कि पिछले कुछ समय से अभिभावकों द्वारा बुक डिपो और स्कूल संचालकों के बीच कथित मिलीभगत की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों में बताया गया था कि स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों पर सामग्री बाजार मूल्य से अधिक दामों पर बेची जा रही है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा दो विशेष जांच दलों का गठन किया गया था। जांच दलों की रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद निम्नलिखित स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है:
-
डायमंड पब्लिक स्कूल, पुर
-
रॉयल पब्लिक स्कूल, तहनाल
-
अमन एज्यूकेशनल स्कूल, भदाली खेड़ा
उक्त स्कूलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने या नियमानुसार अन्य कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अभिभावकों को संदेश:- शिक्षा विभाग सभी निजी विद्यालय संचालकों को सचेत करता है कि वे राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। किसी भी विद्यार्थी या अभिभावक को किसी विशिष्ट संस्थान से सामग्री क्रय करने हेतु विवश करना नियमों के विरुद्ध है। भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायतों पर विभाग का रुख अत्यंत सख्त रहेगा।


