खेड़ली-भनोखर मार्ग के सालवाड़ी मोड़ की स्थिति गंभीर, रोज गुजरते सैकड़ों वाहन; चेतावनी बोर्ड तक सीमित प्रशासन
तालाब किनारे सड़क बनी ‘खतरे की राह’, टूटी रेलिंग और खोखली जमीन से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
कठूमर (दिनेश लेखी) उपखंड क्षेत्र के खेड़ली-भनोखर मुख्य मार्ग पर मंशादास कुट्टीन के पास सालवाड़ी मोड़ स्थित तालाब किनारे बनी सड़क इन दिनों गंभीर खतरे का कारण बन चुकी है। सड़क की रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, वहीं नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण सड़क अंदर से खोखली हो गई है। हालात ऐसे हैं कि किसी भी समय सड़क धंस सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है।
यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं। खास बात यह है कि सड़क के ठीक किनारे गहरा तालाब स्थित है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में जनहानि की आशंका और भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोग लगातार इस समस्या को लेकर चिंता जता रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के मौसम में तेज पानी के बहाव से सड़क के नीचे की मिट्टी धीरे-धीरे कटकर तालाब में बह गई। इससे सड़क की नींव कमजोर हो गई और रेलिंग भी अपनी जगह से हटकर दूर खिसक गई। वर्तमान में सड़क ऊपर से सामान्य दिखाई देती है, लेकिन अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है, जो किसी भी समय धंस सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मौके पर चेतावनी बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन अब तक सड़क और रेलिंग की मरम्मत नहीं करवाई गई। इससे प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आ रही है। राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।
रोजाना जोखिम में सफर कर रहे लोग
इस मार्ग से स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान, व्यापारी और आमजन रोजाना गुजरते हैं। रात के समय और अधिक खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि टूटी रेलिंग के कारण वाहन सीधे तालाब में गिरने का जोखिम बना रहता है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, जल्द समाधान की मांग
सालवाड़ी के विष्णु शर्मा, मंगलराम मीना, बुल्टा राजपूत, परवेन्द्र सिंह, दुष्यंत सिंह, रवी सहित अन्य ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं करवाई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क को मजबूत किया जाए और नई रेलिंग लगाई जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन की परीक्षा, कब जागेगा जिम्मेदार तंत्र
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं हुआ, तो यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।


