100 वर्ष पुराने नाहर सिंह मातेश्वरी मंदिर का जीर्णोद्धार संपन्न, भव्य कलश स्थापना के साथ गूंजा माली खेड़ा
गुरला/मांडल (बद्री लाल माली)। मांडल क्षेत्र के माली खेड़ा (सुरास) में आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ स्थित करीब 100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक नाहर सिंह मातेश्वरी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के भव्य शिखर पर कलश स्थापना की गई। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में 'नानी बाई का मायरा' कथा का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
इस धार्मिक एवं भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राजस्व मंत्री रामलाल जाट मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने का एक बेहतरीन प्रयास बताया।
संवत 2000 की बाढ़ से जुड़ा है इतिहास
मंदिर के पुजारी रामस्वरूप माली ने इस ऐतिहासिक मंदिर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:
"यह मंदिर पुराने माली खेड़ा गांव के समय का है। संवत 2000 में आई भीषण बाढ़ के कारण पुराने गांव के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद यहाँ नया गांव बसाया गया। लेकिन ग्रामीणों की अटूट आस्था के केंद्र इस मंदिर को अब एक भव्य और नया स्वरूप दिया गया है।"
आयोजन में ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कलश स्थापना और मायरा कथा के इस भव्य कार्यक्रम में मांडल के पूर्व प्रधान शंकर लाल कुमावत, उप प्रधान राजेश चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष विकास सुवालका, और गढबोर चारभुजा मंदिर के पुजारी भगवान गुर्जर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही आयोजन को सफल बनाने में मदन लाल माली, श्याम लाल, उगमालाल, बद्री लाल, शोभा लाल, नारायण माली और हेमराज माली सहित समस्त माली खेड़ा व सुरास के ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन पर महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।


